मंत्री ने कहा कि हिमाचल जैसे प्राकृतिक आपदा संवेदनशील राज्य में आपदा प्रबंधन विषय का अहम महत्व है। इसके दृष्टिगत प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, बहुतकनीकी एवं इंजीनियरिंग संस्थानों में बच्चों को आपदा प्रबंधन विषय की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। इसके तहत उन्हें आपदा से निपटने का व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा नवोन्मेषी विचारों और ऊर्जा से परिपूर्ण हैं। युवाओं को उद्यमशीलता की ओर आकर्षित करने के लिए उद्योग विभाग के साथ विभिन्न तकनीकी संस्थानों में एंटरप्रेन्योरशिप कार्यक्रम करवाए जाएंगे। कार्यक्रम के तहत युवाओं में नेतृत्व के गुणों के विकास के साथ-साथ उनके नवाचारों को साकार करने के अवसर दिए जाएंगे। इसके लिए उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञों की सहायता ली जाएगी।
इसके अतिरिक्त हिमुडा के साथ भी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करवाया जाएगा। धर्माणी ने कहा कि राज्य में सूक्ष्म, लघु उद्यमों और स्टार्ट-अप ईको सिस्टम का निर्माण किया जा रहा है। प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं के स्टार्ट-अप को बढ़ावा दिया जा रहा है। उद्योग जगत से संबंधित विभिन्न संघों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है।