उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी संगठन को मजबूत करने और पार्टी हित में जरूरी मुद्दे उठाने की बात करते हैं। ऐसे में पार्टी के भीतर उठाए जा रहे सवालों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। कांग्रेस नेता निगम भंडारी के बयान पर उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटता है। नेगी ने कहा कि मनोबल केवल बयानों से नहीं टूटता। लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं की अनदेखी होने पर भी उनका मनोबल टूटता है। अगर ‘जयचंद’ और ‘स्लीपर सेल’ से जुड़े लोगों को जिम्मेदारी दी जाएगी और पुराने सक्रिय कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जाएगा तो इससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी पैदा होगी।