मृतक छात्रा के परिजनों से संपर्क में हुई दिक्कत
मणिकर्ण हादसे में मृतक छात्रा दिंता कौर का परिजनों से संपर्क करने में पुलिस व प्रशासन को सुबह से लेकर शाम तक दिक्कत का सामना करना पड़ा। शाम के समय छात्रा के परिजनों को पता किया गया। अब उन्होंने मंगलवार तक कुल्लू आने की बात कही है। एएसपी कुल्लू संजीव चौहान ने कहा कि मृतक छात्रा के ननिहाल वालों से बात हो गई है।
बेटी की मौत से शवगृह के बाहर बेसुध हो गए पिता
मणिकर्ण हादसा कई परिवारों को उम्रभर का गम दे गया है। बंगलूरू से परिवार के साथ मणिकर्ण घूमने आए रमेश बाबू भी इनमें शामिल हैं। हादसे में न केवल उनकी बेटी की मौत हो गई बल्कि पूरा परिवार घायल हो गया है। पत्नी और बेटे की हालत गंभीर बनी है और उन्हें रात को कुल्लू अस्पताल से बंगलूरू के लिए भेजा गया है। जबकि घायल पिता अपनी 17 साल की बेटी के शव को लेकर रवाना हुए।
सोमवार सुबह नौ बजे से कुल्लू अस्पताल के शवगृह में सभी छह मृतकों को पोस्टमार्टम शुरू हुआ। इस दौरान मृतक डीआर वर्शिणी के पिता रमेश बाबू शवगृह के बाहर पहुंचे तो बेटी का नाम लेकर फफक-फफककर रो पड़े। स्थानीय विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने उन्हें ढांढस बंधाया और कुर्सी पर बैठाया जहां वह कुछ समय के लिए बेसुध से हो गए। वह खुद भी इस हादसे में घायल हैं और उनकी टांग में चोट लगी है।
पेड़ गिरने की आवाज सुनते चालक आगे ले गया वाहन
मणिकर्ण हादसे में हरियाणा स्कूल ऑफ डिजिटल मार्केटिंग हिसार के 17 विद्यार्थियों का दल भी घूमने आया था। वह 28 मार्च से तोष में ठहरे में हुए थे। 30 मार्च को शाम को वह सभी मणिकर्ण घूमने आए। ट्रेवलर गुरुद्वारे के पास पहुंची तो तीन छात्र बाहर निकले। पेड़ गिरने की आवाज सुनकर चालक ने ट्रेवलर को आगे कर दिया। लेकिन जो तीन छात्र ट्रेवलर से बाहर निकले वह तीनों पेड़ के नीचे आ गए और उनकी मौके पर मौत हो गई।