क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में छोटे बच्चे का एक्स-रे करता रेडियोग्राफर। -संवाद
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में एक्स-रे के लिए मरीजों की परेशानियां पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई हैं। अस्पताल में खराब पड़ी दो एक्स-रे मशीनों में से एक को ठीक कर लिया गया है, जिससे कान, नाक, गर्दन, पांव और हाथ के एक्स-रे किए जा रहे हैं। मगर कमर, कूल्हे और छाती के एक्स-रे के लिए मरीजों को अभी भी इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि दूसरी मशीन की तकनीकी खराबी दूर नहीं हो पाई है।
क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में दो एक्स-रे मशीनें मौजूद हैं। दोनों में तकनीकी खामी आने से मरीजों को एक्स-रे की सुविधा नहीं मिल रही थी। पिछले सप्ताह से एक्स-रे मशीनें खराब होने के कारण मरीजों को निजी लैब और क्लीनिक में महंगी दरों पर एक्स-रे करवाने पड़ रहे थे। अमर उजाला ने इस मुद्दे को उठाया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने एक मशीन को ठीक कर चालू कर दिया है।
अस्पताल में एक्स-रे के लिए दो कक्ष बनाए गए हैं। एक कक्ष में जिला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा लगाई गई डिजिटल एक्स-रे मशीन नौ माह से बंद पड़ी है। प्रशासन और रेडक्रॉस सोसायटी के प्रयासों के बावजूद इसे ठीक नहीं किया जा सका। दूसरे कक्ष में दो सरकारी मशीनें हैं, जिनमें से एक अब चालू है। दूसरी मशीन की मरम्मत में समय लगने की संभावना है।
क्षेत्रीय अस्पताल में बंद पड़ी एक्स-रे मशीनों में से एक को ठीक करवा दिया है। इससे छोटे एक्स-रे किए जा रहे हैं। दूसरी मशीन को भी शीघ्र ठीक करवा दिया जाएगा, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
-डॉ. धर्म सिंह वर्मा, एसएम, क्षेत्रीय अस्पताल मंडी