मंडी। नगर निगम के सभी वार्डों में एक माह के अंदर 10-10 लाख के विकास कार्य करवाए जाएंगे। निगम कार्यालय में सोमवार को हुई विशेष बैठक में महापौर वीरेंद्र भट्ट शर्मा ने यह एलान किया। उन्होंने कहा कि सभी पार्षद अपने-अपने वार्डाें में प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्याें के प्राक्कलन तैयार कर कार्यालय में दें। इन कार्याें को जल्द गति प्रदान की जाएगी। बैठक में नगर निगम क्षेत्र में जो काम चले हुए हैं और जो कार्य टेंडर प्रक्रिया में हैं, उन सभी को चरणबद्ध तरीके से शीघ्र करवाने का निर्णय लिया गया। महापौर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक का मकसद नगर निगम मंडी के क्षेत्राधिकार में हो रहे विकास कार्याें और रुके हुए विकास कार्याें को गति प्रदान करना था। महापौर ने बताया कि साधारण बैठक में शहर के अन्य मुद्दों पर चर्चा के कारण विकास कार्याें पर चर्चा नहीं हो पाती। अब लोकसभा चुनाव के चलते आदर्श आचार संहिता लग जाएगी और इससे विकास कार्याें में लगाम लग जाएगी। बैठक में आपदा के दौरान नगर निगम के क्षेत्र जो नुकसान हुआ है उसके 36 करोड़ रुपये नहीं मिलने और सरकार की ओर से जो ग्रांट रोकी गई है, उसे बहाल करने के बारे में भी चर्चा की गई।
बैठक में स्टाफ की कमी का मुद्दा भी गूंजा
बैठक में पार्षदों ने स्टाफ की कमी का मुद्दा भी उठाया और कहा कि स्टाफ की कमी के कारण टेंडर लगाने में देरी हो रही है। पार्षद योगराज ने टेक्निकल स्टाफ सीएलसी के तहत रखने की मांग की। इस पर मेयर ने कहा कि ट्यूलिप के तहत भी ऐसा प्रावधान है। जिन विद्यार्थियों ने इंजीनियरिंग या एमबीए में डिग्री ली है वे ट्यूलिप में आवेदन कर सकते हैं। आउटसोर्स पर उनकी सेवाएं एक साल तक ली जा सकती हैं। 5000 रुपये वेतन भी मिलेगा।
पार्षद अलकनंदा हांडा ने उठाया 20 लाख नहीं मिलने का मामला
पार्षद अलकनंदा हांडा ने टेंडर कार्यों में हो रही देरी का मुद्दा उठाया और कहा कि कई कार्यों के एस्टीमेट तो बन गए हैं, लेकिन टेंडर अवार्ड नहीं हो रहे। उन्होंने महापौर से हर वार्ड को 20 लाख रुपये देने की बात भी दोहराई। इस पर महापौर ने कहा कि 20 लाख रुपये अवार्ड करने नहीं बल्कि 20 लाख के कार्यों के एस्टीमेट बनाने को कहा था।
एक टाइम में ठेकेदार को एक ही काम मिलेगा
बैठक में पार्षदों ने तीन ठेकेदारों को ही काम देने का मुद्दा उठाया और कहा कि काम अवार्ड होने के बाद भी ठेकेदार काम नहीं कर रहे। पार्षदों ने कहा कि अगर कोई ठेकेदार टेंडर मिलने के 15 दिन में काम शुरू नहीं करता है तो उसका टेंडर खत्म कर 10 दिन बाद नए ठेकेदार को सौंपा जाए। महापौर ने बताया कि अब एक टाइम में एक ही ठेकेदार को काम अलॉट होगा।
विधायक और पार्षद स्तर के काम भी पार्षदों के पास पहुंच रहे
बैहना वार्ड के पार्षद कृष्ण भानू ने बैठक में कार्यों के एस्टीमेट नहीं बनने का मुद्दा रखा। इस पर महापौर ने कहा कि विधायक और सांसद स्तर के कार्य भी पार्षद के पास पहुंच रहे हैं। नगर निगम की भी लिमिट है। ऐसे में बड़े कार्यों के एस्टीमेट बनाकर जल्द उपायुक्त और सरकार को भेजे जाएंगे ।
मर्ज एरिया के वार्डों को दी जाए टैक्स में दो साल छूट
नगर निगम में मर्ज कर बनाए वार्डों में तीन साल टैक्स की रिवायत अवधि समाप्त होने पर वहां के पार्षद बैचेन दिखे। बजट के अभाव में समस्याओं के चलते लोगों का विरोध झेल रहे पार्षदों ने कहा कि रिवायत अवधि खत्म होने के बाद अब टैक्स लगना शुरू हो जाएगा। इस पर महापौर ने बताया कि मर्ज एरिया में टैक्स संबंधी अभी कोई गाइडलाइन नहीं आई है। सरकार से दो साल रिवायत अवधि बढ़ाने की मांग रखी गई है।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में उपमहापौर माधूरी कपूर, पार्षद अलक नंदा हांडा, सोमेश उपाध्याय, राजेंद्र मोहन, योगराज, वीरेन्द्र सिंह आर्य, सुदेश कुमारी, हरदीप सिंह, सुमन ठाकुर, नेहा कुमारी, निर्मल वर्मा, दीपाली जसवाल, कृष्ण भानू, अंजय कुमारी, मनोनीत पार्षद दिनेश पटियाल, नितिन भाटिया, यशकांत कश्यप, दर्शन ठाकुर, संजय शर्मा, नगम निगम के आयुक्त एचएस राणा, अधिशासी अभियंता दीपक महाजन, सहायक अधिशासी अभियंता ईएचसी जसवाल, सहायक अभियंता नरेश, कनिष्ठ अभियंता शुभम अत्री और सिद्धार्थ उपस्थित रहे।