मंडी। सिड्डू और कचौरी जैसे व्यंजनों के स्वाद को देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंचाने वाले अंबिका स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अब शहर में पानी के बिलों का वितरण करेंगी। साथ ही पेयजल की सैंपलिंग भी करेंगी। भीमा काली स्वयं सहायता समूह की महिलाएं भी इस कार्य में योगदान देंगी। दोनों स्वयं सहायता समूहों को यह कार्य अवार्ड हो गया है। समूहों की महिलाएं शहरवासियों को पेयजल को व्यर्थ न बहाने के लिए भी प्रोत्साहित करेंगी।
अमृत योजना के तहत महिलाओं को शहरी बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से जल आपूर्ति और सीवेज सिस्टम के संबंध में सशक्त और शिक्षित किया गया है। इस योजना के तहत महिलाओं को पानी के महत्व, जल संरक्षण और पानी की गुणवत्ता के परीक्षण जैसे पहलुओं के बारे में शिक्षित कर सशक्त बनाना है। इन महिलाओं को पानी के बिल तैयार करने के साथ-साथ प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी की गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण दिया गया है जिससे कि ये महिलाएं अपने इस कार्य में निपुण हो सकें। अंबिका स्वयं सहायता समूह की संचालिका अंजू शर्मा ने बताया कि इन कार्यों के लिए अन्य स्वयं सहायता समूहों ने भी आवेदन किया था।
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नगर निगम क्षेत्र में महिलाओं को पानी के बिल वितरित करने का दायित्व सौंपा गया है। पेयजल स्रोतों में पानी की गुणवत्ता की परख भी ये महिलाएं करेंगी। टेंडर प्रक्रिया के तहत यह कार्य स्वयं सहायता समूहों को आवंटित किया गया है।
-रोहित राठौर, आयुक्त, नगर निगम मंडी
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