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Mandi News: कचनार, लिंगड़ सब्जियों की बिक्री से आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं

Sun, 03 May 2026 12:19 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
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बेला देवी, निवासी मौवीसेरी मंडी। कारोबार
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कचनार, लिंगड़ सब्जियों की बिक्री से आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं
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हाथों हाथ बिक रहे ग्रामीण परिवेश से लाए मौसमी उत्पाद
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। शहर की सब्जी मंडी में बिकने वाली सब्जियों की अपेक्षा ग्रामीण परिवेश से लाई जा रही मौसमी सब्जियां हाथों हाथ बिक रही है। कचनार, लिंगड़, फेगड़ी, तरिंबलू सहित अन्य साग सब्जियां शहरवासियों की पहली पसंद हैं। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों की यह प्राकृतिक सब्जियां शहरों में नहीं मिलती। शहरवासी स्थानीय सब्जी मंडी पर ही आश्रित हैं।
ग्रामीण उत्पादों को शहर के लोग हाथों हाथ खरीदते हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। महिलाएं रोजाना मंदिरों के बाहर, चौराहों और बाजार में रेहड़ी-फड़ी सजा कर करियाले, फेगड़ी, तरिंबलू, पूदिना, कचालु के पत्ते, ऐलो, गलगल सहित अन्य साग सब्जी बेचती है। बता दें कि आज बाजार में बिकने वाली सब्जियों की तुलना में ग्रामीण परिवेश से लाई जाने वाली प्राकृतिक सब्जी बिना खाद व रसायनमुक्त होती है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर किसी तरह का बुरा असर नहीं पड़ता।
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पति के साथ रोजाना न्यायालय गेट के बाहर छोटी सी दुकान सजा कर मिर्च व बैंगन की पनीरी, धनिया, पुदीना और अन्य उत्पादों की बिक्री करते हैं। इससे परिवार का गुजारा हो जाता है। -बेला देवी, निवासी मौवीसेरी
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कटौला से काठु फाफरा साग जो खेतों में मिल जाता है साथ ही पुदीना, लिंगड़, करियाले और फेगड़ी जो मौसम आधारित सब्जियां है। इनके दाम मात्र 20 से 50 रुपये तक रहते हैं। -तेजी देवी, निवासी संदोआ
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आज कल तरिंबलू, करियाले जिसे कचनार भी कहते हैं और फेगड़ी का मौसम हैं। यह स्वास्थ्य वर्धक मौसमी सब्जियां है। काफल, लिंगड़ के लिए जंगलों में जाना पड़ता है। इसके लिए बहुत मेहनत करनी पड़ी है। इन उत्पादों के गुणों को देखते हुए लोग हाथोंहाथ खरीदते हैं। -रमा देवी, निवासी टांडू द्रंग

बेला देवी, निवासी मौवीसेरी मंडी। कारोबार

बेला देवी, निवासी मौवीसेरी मंडी। कारोबार

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