मंडी। सरकाघाट की पंचायत गैहरा के जनीण गांव की विधवा महिला तीन बच्चों की परवरिश के लिए दूसरों के आगे हाथ फैलाने को मजबूर है। हेमलता के पति भूप सिंह की एक साल पहले घर में आग से झुलसने से मौत हुई थी। उसके 19 दिन बाद हेमलता ने बेटे को जन्म दिया। इससे पहले उसकी आठ और पांच साल की दो बेटियां हैं।
तीनों बच्चों की परवरिश करना हेमलता के लिए अब चुनौती बन गया है। भूप सिंह परिवार में कमाने वाला इकलौता था। उनकी मौत के बाद सारी जिम्मेदारियां हेमलता संभाल रही है। महज 29 साल की हेमलता परिवार का पालन-पोषण करने के लिए अब सरकार और प्रशासन से गुहार लगा रही है। नौकरी के लिए वह पंचायत से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों तक अपना दर्द सुना चुकी है। बच्चों की परवरिश को लेकर हेमलता उपायुक्त मंडी से भी मिल चुकी हैं।
हेमलता के सास-ससुर भी बुजुर्ग हैं। गैहरा पंचायत के प्रधान रूपलाल ने बताया कि महिला के परिवार की हालत बेहद गंभीर है। पंचायत की ओर से उन्हें बीपीएल सूची में डाला है। इसके अलावा उनकी मदद के लिए पंचायत समाजसेवियों और अधिकारियों- नेताओं से भी गुहार लगाई जा रही है। महिला कच्चे मकान में रह रही है। संवाद