थुनाग (मंडी)। यूं तो देशभर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पंचायत स्तर पर बैठकें हुईं, लेकिन हिमाचल के सराज विस क्षेत्र की पखरैर पंचायत में एक बुजुर्ग महिला ने ऐतिहासिक पहल कर बैठक को खास बना दिया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने 15 मिनट तक भाषण देकर शराबबंदी का प्रस्ताव रखा और शराबबंदी लागू करवा दी। प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में माने जाने वाले सराज विस क्षेत्र में बुधवार को डेढ़ माह में पांचवीं पंचायत पखरैर में शराबबंदी लागू की गई।
सराज विस क्षेत्र की लंबाथाच पंचायत से शुरू हुई शराबबंदी की अलख लगातार जारी है। बुधवार को पखरैर पंचायत की आम सभा में 60 वर्षीय बुजुर्ग काशी देवी ने 15 मिनट तक शराब के बुरे परिणामों पर भाषण देकर शराब बंदी का प्रस्ताव रखा। काशी देवी महिला मंडल लंबाशाफड़ की प्रधान हैं।
सराज क्षेत्र में शराबबंदी का फैसला महज कागजों तक सीमित नहीं रहा है। थरजूण पंचायत में सदियों पुरानी परंपरा तोड़कर देवी लंबोदरी को शराब की बजाय घी की धार चढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसमें मंदिर कमेटी ने भी हामी भरी है। दूसरी ओर, सबसे पहले शराबबंदी लागू करने वाली पंचायत लंबाथाच में हर गांव शराबबंदी के पोस्टरों से अट गया है। फैसले को लागू करने के लिए जनप्रतिनिधि मंडल धरातल पर प्रयास करने के जुट गए हैं। पंचायत प्रधान दीनानाथ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित आम सभा की बैठक में पंचायत में शराबंदी लागू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि शादी, विवाह तथा अन्य समारोह में शराब, बीड़ी, सिगरेट के प्रयोग पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। शराब परोसने पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
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बीडीओ तिपेंद्र चिनौरिया ने कहा कि पंचायत का फैसला सराहनीय है। इसे धरातल पर लागू किया जाना चाहिए।
एसडीएम जंजैहली अश्वनी कुमार ने कहा कि यह बहुत सराहनीय कदम है। पंचायत प्रतिनिधि और महिला मंडल लंबाशाफड़ की महिलाएं इस पहल के लिए बधाई की पात्र हैं।
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