श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कालेज एवं अस्पताल नेरचौक का परिसर। फाइल फोटो
नेरचौक (मंडी)। श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में हाल ही में पेश आई घटनाओं के सुरक्षा प्रबंध पुख्ता कर दिए गए हैं। अब रात को रजिस्टर में रिकॉर्ड दर्ज करने के बाद ही वाहनों को परिसर में प्रवेश मिलेगा। इसी तरह मेडिकल कॉलेज परिसर में सीसीटीवी का पहरा भी पुख्ता कर दिया गया है। हर तरह की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
हाल ही में हुड़दंग मचाने और पूर्व में रैगिंग मामलों ने मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी थी। इससे सबक लेते हुए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने सख्त कदम उठाना शुरू कर दिए हैं। अब दिन के समय वाहनों की आवाजाही पहले की तरह ही होती रहेगी। मगर रात 8:30 बजे के बाद आने वाले वाहनों को रजिस्टर में एंट्री करवाने के बाद ही प्रवेश मिलेगा।
वाहन सवारों को गेट पर सुरक्षा कर्मी को जानकारी देनी होगी कि वाहन में कौन हैं और किस उद्देश्य के साथ मेडिकल कॉलेज में प्रवेश करने जा रहे हैं। इसके बाद ही प्रवेश मिलेगा। इसी के साथ कॉलेज परिसर में सीसीटीवी की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। कुछ कैमरे लगा दिए हैं, जबकि कुछ इंस्टाल किए जा रहे हैं। खराब सीसीटीवी कैमरों को भी दुरुस्त कर दिया है। रात के समय अब एक की जगह तीन सुरक्षा कर्मी तैनात कर दिए गए हैं।
प्रशिक्षुओं से लिए जा रहे एंटी रैगिंग शपथ पत्र
रैगिंग प्रकरण के बाद श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने एंटी रैगिंग सप्ताह मनाने के साथ अन्य कई कदम उठाए हैं। नोटिस बोर्ड में जागरूकता सामग्री चस्पा कर दी गई है। इसी के साथ रैगिंग के खिलाफ ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन शिकायत का भी प्रावधान किया गया है। दाखिला के समय भी रैगिंग गतिविधियों में न शामिल होने को लेकर शपथ पत्र भी लिया जा रहा है। कॉलेज के छात्रावास में रहने वाले प्रशिक्षुओं के व्यवहार पर भी प्रबंधन निगरानी की जा रही है।
शरारती तत्वों पर निगरानी रखने के लिए पुख्ता कदम उठाए गए हैं। सीसीटीवी से भी निगरानी की जा रही है। हर तरह से गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
-डॉ. डीके वर्मा, प्राचार्य, श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज, नेरचौक