गोहर (मंडी)। जिला स्तरीय ख्योड़ नलवाड़ मेले के आयोजन को लेकर एक बार फिर विवाद उठ खड़ा हुआ है। बासा पंचायत ने एसडीएम गोहर लक्ष्मण सिंह कनेट को एक मांग पत्र सौंपकर मेले को पंचायत के अधीन ही रखने की मांग की है। पंचायत का आरोप है कि कुछ बाहरी लोग दबाव डालकर मेले को प्रशासन के अधीन करवाने की कोशिश कर रहे हैं।
पंचायत उपप्रधान तरुण शर्मा के नेतृत्व में बासा पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने बुधवार को एसडीएम को बताया कि प्रदेशभर में जिला स्तरीय मेले पंचायतों द्वारा आयोजित किए जाते हैं। ख्योड़ मेले को प्रशासन के अधीन लाने की कोशिशें अनुचित हैं। पिछले कई वर्षों से पंचायत इस मेले का आयोजन कर रही है और प्रशासन ने हर बार पंचायत का सहयोग किया है। मगर इस बार कुछ बाहरी लोग अनावश्यक हस्तक्षेप कर रहे हैं, जिसका पंचायत विरोध करती है।
प्रतिनिधिमंडल में जिला परिषद उपाध्यक्ष मुकेश चंदेल, चैलचौक पंचायत प्रधान इंदिरा देवी, गोहर की प्रधान अमरा देवी, देलग टिकरी के प्रधान तिलक राज और बीडीसी सदस्य सुरेंद्र कुमार शामिल थे।
उधर, एसडीएम लक्ष्मण सिंह कनेट ने कहा कि पंचायत की ओर से सौंपे गए पत्र को डीसी मंडी को भेज दिया गया है। आगामी कार्रवाई उपायुक्त द्वारा की जाएगी।
मेले से पूर्व कर ली थी उपप्रधान ने आत्महत्या
पिछले साल ख्योड़ मेले से पूर्व बासा पंचायत के उपप्रधान दीवान चंद गुप्ता ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद पंचायत प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और पंचायती राज विभाग ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था। उप चुनाव में विजय प्राप्त कर उपप्रधान तरुण शर्मा ने पंचायत की बागडोर संभाली थी। पिछले साल उपप्रधान की मौत और प्रधान के सस्पेंड होने के बाद प्रशासन ने मेले का आयोजन करवाया था।