आबकारी एवं कराधान विभाग मंडी मूल्य वर्धित कर (वैट) वसूली करने में प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। विभाग ने चालू वित्त वर्ष में 209.81 करोड़ रुपये लक्ष्य के मुकाबले सितंबर माह तक 95.88 करोड़ रुपये का वैट कर वसूल कर लिया है। वैट कर वसूली में कुल्लू पहले स्थान पर है।
शनिवार को उपायुक्त संदीप कदम की अध्यक्षता में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में सहायक आबकारी एवं कराधान आयुक्त उज्जवल सिंह राणा ने बताया कि गत वर्ष जिला मंडी में आबकारी, वैट, यात्री एवं भाड़ा कर, ओटीडी के तहत 278.33 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया गया। इस वर्ष 313.04 करोड़ रुपये निर्धारित लक्ष्य रखा गया। जिसके तहत सितंबर माह तक 136.75 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया गया है। वर्ष 2013-14 में शराब बिक्री पर स्थानीय निकाय व ग्राम पंचायतों को 93 लाख 15 हजार 929 रुपये आवंटित किए गए। मूल्य वर्धित कर अधिनियम के तहत जिला में 7378 व्यापारी पंजीकृत हैं। यदि कोई व्यापारी निश्चित समय में टैक्स की अदायगी नहीं करता तो विभाग की ओर से कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों को त्योहारी सीजन को देखते हुए विक्रय बिल वैट अधिनियम के अनुरूप जारी करने चाहिए। जिन व्यापारियों ने अपने पैन नंबर विभाग के पास जमा नहीं करवाए हैं। वे जल्द ही अपना पैन नंबर विभाग को दें। जीएसटी एक्ट लागू होते ही बिना पैन के कोई भी टिन नंबर वैद्य नहीं माना जाएगा। एक अप्रैल 2015 से लेकर सितंबर माह तक विभाग ने वैट टैक्स के 519 मामले पकड़े। जिसमें 42 लाख 46 हजार 576 रुपये का जुर्माना वसूला गया। यात्री एवं भाड़ा टैक्स में 135 मामलों में आठ लाख 85 हजार रुपये का जुर्माना किया गया। सहायक आबकारी एवं कराधान आयुक्त उज्ज्वल सिंह राणा ने बताया कि विभाग की ओर से अंग्रेजी व देसी शराब के दो सैंपल जांच के लिए कंडाघाट लैब भेजे गए। दोनों सैंपल जांच में फेल पाए गए। जिस पर विभाग की ओर से चालान पेश किया गया है।