छतरी में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता। स्त्रोत- वीडियोग्रैब
थुनाग (मंडी)। सराज विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के एकछत्र राजनीतिक साम्राज्य में पहली बार कार्यकर्ताओं ने खुली बगावत का बिगुल फूंक दिया है। भाजपा की मंडल कार्यकारिणी गठन को लेकर भड़का विवाद अब परिवारवाद बनाम पार्टी निष्ठा की जंग में बदल गया है। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने नवगठित कार्यकारिणी पर भाई-भतीजावाद, वरिष्ठों की उपेक्षा और भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए हैं।
रविवार को छतरी के एक गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस काॅन्फ्रेंस में पूर्व प्रधान सीता राम चौहान, जिला कार्यकारिणी सदस्य तुले राम तथा राम बहादुर सिंह ने करीब डेढ़ दर्जन कार्यकर्ताओं के साथ मंडल अध्यक्ष पर तीखा हमला बोला। चौहान ने कहा कि जंजैहली मंडल की कार्यकारिणी में पति-पत्नी और रिश्तेदारों को प्रमुख पद सौंपकर क्षेत्र, समुदाय और वरिष्ठता को ठेंगा दिखाया गया।
उन्होंने भीष्म ठाकुर, चंद्रावति और जोधवीर सहित तीन स्थानीय नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कविता पढ़ी और दावा किया कि कुछ लोग पूर्व मुख्यमंत्री को घेरे हुए हैं, जिससे निष्ठावान कार्यकर्ता अपनी बात तक नहीं रख पा रहे। तुले राम ने 1972 से चली आ रही अपनी पार्टी निष्ठा का हवाला देते हुए कहा कि 1980 में जब सराज (तत्कालीन चच्योट) में भाजपा को 600-700 वोट मिलते थे, तब सिपाही की तरह काम किया। जयराम ठाकुर के प्रति निष्ठा अटल है, लेकिन 1993 में उन्हें गालियां देने वाले आज उनके ‘राइट हैंड’ बनकर पुराने योद्धाओं का मनोबल तोड़ रहे हैं।
नेताओं ने दावा किया कि कुछ पदाधिकारियों ने ईमानदार जेई और एसडीओ के तबादले करवाकर अपनी पसंद के अधिकारियों को तैनात किया। बिना कार्य के टेंडर पास करवाने और भ्रष्टाचार में संलिप्तता के आरोपों ने सराज भाजपा के आंतरिक लोकतंत्र पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। यह बगावत जयराम ठाकुर के राजनीतिक किले में पहली दरार है। संवाद