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मंडी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा ठप

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क्षेत्रीय अस्पताल में एक्स रे करवाने पहुंचे लोग इंतजार करते हुए। हाथ में पर्ची लेकर अल्ट्रासाउं - फोटो : Mandi
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मंडी। दिन बुधवार। समय 11.20। स्थान क्षेत्रीय अस्पताल मंडी। अल्ट्रासाउंड कक्ष पर ताला लटका है। खिड़की के बाहर खड़ी कुछ महिलाएं डाक्टर के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही हैं।
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कमरे के बाहर डॉक्टर न होने की सूचना चस्पां हैं। सरकार ने 27 जून को रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक की तैनाती के आदेश कर ज्वाइनिंग भी दे दी है। हैरत की बात है कि इसके नौ दिन के बाद भी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा ठप है। करीब बज कर 35 मिनट पर कुछ लोग मायूस होकर लैबों का रुख कर रहे हैं।
कुछ लोगों ने एमएस कार्यालय जाकर जानकारी हासिल की। वहां से पता चला कि रेडियोलॉजिस्ट ज्वाइनिंग देने के बाद अवकाश पर है। इस संदर्भ जब संवाद की टीम ने पड़ताल शुरू की तो अस्पताल के कुछ स्टाफ के सदस्यों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रेडियोलॉजिस्ट परीक्षा का परीणाम घोषित नहीं हुआ है। सरकार ने पहले ही मंडी जोनल अस्पताल के लिए दो प्रशिक्षु चिकित्सकों को ज्वाइनिंग दे दी है। अभी तक अल्ट्रासाउंड की सुविधा रोगियों को नहीं मिली हैं। इसमें अभी समय लग सकता है।
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परीक्षा परिणाम के बाद मिलेगी सुविधा
अभी तक रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सकों की परीक्षा का परिणाम घोषित नहीं हुआ है। हालांकि सरकार ने प्रशिक्षु डॉक्टर को अस्पतालों में तैनाती दे दी है। परीक्षा परिणाम आने के बाद औपचारिकताएं पूरी होने पर सही मायने में रेडियोलाजिस्ट कार्यभार ग्रहण कर पाएंगे। उसके बाद लोगों को सुविधा देंगे।
केस वन
समय पौने बारह बजे, सराज घाटी के बालीचौकी क्षेत्र के शेगली गांव की महिला द्रुमती देवी ने कहा कि सुबह 9 बजे से पर्ची बनाने के लिए लाइन में लगना पड़ा। कई मरीजों को जांच के बाद अल्ट्रासाउंड टेस्ट लिखा है। लेकिन यहां डॉक्टर न होने से उन्हें मायूस होना पड़ा है। बाहर निजी लैब में यही टेस्ट 16 सौ रुपये में हो रहा है। जिसे करवाने में वह अमसर्थ हैं। हाथ लगी मायूसी
केस टू
समय साढ़े 12 बजे। अपर समखेतर की निर्मला शर्मा को यूरीन संबंधी समस्या के चलते के लिए अल्ट्रासाउंड लिख है। ओपीडी में डॉक्टर न होने से की जानकारी मिलने पर वह मायूस हो गई। जिस पर साथ बैठे लोग उन्हें निजी लैब में टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं। इस पर महिला असमंजस जताते हुए वहां से बाहर चली जाती है।
1200 से 2000 रुपये तक का भुगतान
सरकारी अस्पतालों में 150 से 200 रुपये में होने वाले अल्ट्रासाउंड के लिए रोगियों को निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में मजबूरन 1200 से 2000 रुपये तक का भुगतान करना पड़ रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि प्रशासन की ओर से भी इनके दामों पर नकेल कसने का कोई पहल नहीं की गई है। बता दें कि गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों या दुर्घटनाओं में घायल हुए लोगों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा निशुल्क होती है। अकेले जोनल अस्पताल मंडी में ही 50 से 70 अल्ट्रासाउंड रोज होते थे।
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