मंडी। चेक बाउंस के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए अदालत ने दो माह के साधारण कारावास और 1.15 लाख रुपये हर्जाने की सजा का फैसला सुनाया है। हर्जाना राशि अदा न करने पर उसे एक माह केअतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट नंबर एक के न्यायालय ने बल्ह तहसील के गागल स्थित दि महालक्ष्मी को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी के महा प्रबंधक योगेंद्र कुमार कश्यप की शिकायत पर निगोशिएबल इन्सट्रुमेंट अधिनियम की धारा 138 के तहत चलाए गए अभियोग के साबित होने पर बल्ह तहसील के सकरोहा निवासी खेम चंद को सजा का फैसला सुनाया है।
अदालत में दायर शिकायत के अनुसार आरोपी खेम चंद ने शिकायतकर्ता सोसायटी की विधिक देनदारी को अदा करने के लिए 26 सितंबर 2019 को 57,919 रुपये का एक चेक जारी किया था। शिकायतकर्ता ने जब चेक को बैंक में भुगतान के लिए पेश किया तो आरोपी के खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण यह बाउंस हो गया था। इस कारण शिकायतकर्ता ने आरोपी को 15 दिनों का नोटिस जारी करके राशि की मांग की थी, लेकिन इसके बावजूद राशि अदा न करने पर शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ अदालत में शिकायत दायर की थी।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने शिकायतकर्ता को विधिक देनदारी के लिए चेक जारी किया था। जो आरोपी के खाते में राशि न होने के कारण बाउंस हो गया था। शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य और दस्तावेजों से आरोपी के खिलाफ चेक बाउंस का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है।