वन अधिकार समितियों को पुनः किया गया है सक्रिय : डीसी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जिला मंडी में वन अधिकार अधिनियम 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर डीआरडीए सभागार में एसडीएम, बीडीओ और वन विभाग अधिकारियों के लिए एक दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें दावों की प्रगति, प्रक्रियागत सुधार और जमीनी समस्याओं पर चर्चा हुई तथा दावों की प्रक्रिया, आवश्यक साक्ष्य और ग्राम सभा की भूमिका की जानकारी दी गई।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि गद्दी, गुज्जर और अन्य वन-निर्भर समुदायों की उपस्थिति को देखते हुए अधिकारियों का अधिनियम की प्रक्रियाओं से परिचित होना जरूरी है। इससे दावों के निपटान में तेजी आएगी और समुदायों के अधिकार सुरक्षित होंगे। उन्होंने बताया कि अब तक 2722 वन अधिकार समितियों को पुनः सक्रिय किया गया है, जिनमें पहले निष्क्रिय समितियां भी शामिल हैं, और 220 समितियां पहले ही सक्रिय की जा चुकी हैं। आयुक्त नगर निगम मंडी रोहित राठौर और अतिरिक्त सचिव राजस्व अनिल चौहान ने ऑनलाइन माध्यम से बताया कि यह अधिनियम वनभूमि पर निर्भर समुदायों को उनके ऐतिहासिक अधिकारों की कानूनी मान्यता प्रदान करता है।