थुनाग (मंडी)। सराज विधानसभा क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा भगवान भरोसे चल रही है। क्षेत्र में चार आईटीआई बगस्याड, छतरी, बागाचनोगी और गाड़ागुशैण हैं। इनमें से बगस्याड आईटीआई को छोड़कर अन्य संस्थानों में प्रशिक्षु प्रतिनियुक्ति पर भेजे जा रहे इंस्ट्रक्टरों के सहारे ज्ञान ले रहे हैं। छतरी, बागाचनोगी और गाड़ागुशैण में स्थायी इंस्ट्रक्टरों की तैनाती नहीं हो पाई है।
आईटीआई में इंस्ट्रक्टर और उचित इन्फ्रास्ट्रक्चर का अभाव आईटीआई के विकास और युवाओं के कौशल विकास में सबसे बड़ी बाधा बन गया है। आईटीआई बगस्याड के प्रिंसिपल को छतरी और बागाचनोगी का अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ रहा है। गाड़ागुशैण का प्रभार थलौट आईटीआई के प्रिंसिपल के पास है। यह व्यवस्थागत असंगति शिक्षा की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है।
2019 में स्थापित आईटीआई छतरी में केवल इलेक्ट्रीशियन और सोलर टेक्नीशियन दो ही ट्रेड चल रहे हैं। इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में 20 और सोलर टेक्नीशियन में मात्र पांच प्रशिक्षुओं ने प्रवेश लिया है। यह स्थिति मुख्य मुख्य रूप से इंस्ट्रक्टरों के पद रिक्त रहने के कारण है। प्रशिक्षुओं को ट्रेनिंग देने के लिए आईटीआई बगस्याड से इंस्ट्रक्टर आ रहे हैं, लेकिन यह अस्थायी व्यवस्था दीर्घकालिक समाधान नहीं है।
छतरी में करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से बना विशाल भवन 2022 से तैयार है, लेकिन इसका उद्घाटन नहीं हो पाया है। स्थानीय लोग मोहर सिंह, भगवान दास, रिंकू सोनी, और दिनेश राणा ने सरकार से अपील की है कि इस भवन का उद्घाटन किया जाए और यहां नए ट्रेड शुरू किए जाएं।
किराये के भवन में बागाचनोगी आईटीआई:
मध्य सराज के युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देने के लिए सरकार ने वर्ष 2021 में बागाचनोगी में आईटीआई खोली थी। इस आईटीआई में इलेक्ट्रीशियन और फैशन डिजाइनिंग के दो ट्रेड हैं। यहां पर भी इंस्ट्रक्टर के पद रिक्त हैं। प्रशिक्षुओं को ट्रेनिंग के लिए स्थायी इंस्ट्रक्टर तैनात न होने से फैशन डिजाइनिंग ट्रेड में 13 प्रशिक्षुओं ने एडमिशन ली है। आईटीआई भवन के लिए अभी जगह का चयन नहीं हो सका है। इस कारण आईटीआई को किराये के भवन में चलाया जा रहा है।
स्कूल भवन में चल रही गाड़ागुशैण आईटीआई
सराज विधानसभा के सबसे दुर्गम क्षेत्र गाड़ागुशैण में भी तकनीकी शिक्षा बदहाल है। आईटीआई भवन के लिए जगह का चयन नहीं हो सका है। तीन साल से आईटीआई प्रशिक्षुओं की कक्षाएं सीनियर सेकेंडरी स्कूल के भवन में चल रही हैं। आईटीआई गाड़ागुशैण में इलेक्ट्रीशियन और प्लंबर के दो ट्रेड हैं। इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में 20, जबकि प्लंबर ट्रेड में मात्र 14 प्रशिक्षुओं ने दाखिल लिया है। यहां से दो बैच पास आउट हो चुके है। थलौट और आईटीआई सैंज से प्रतिनियुक्ति पर यहां इंस्ट्रक्टर भेजे जा रहे हैं।
इंस्ट्रक्टर के 165 पदों को भरने का प्रस्ताव भेजा गया है जैसे ही सरकार से मंजूरी मिलती ही राज्य चयन आयोग के माध्यम से इंस्ट्रक्टर की भर्ती की जाएगी।
-संजय गुप्ता, उपनिदेशक, प्रशिक्षण तकनीकी शिक्षा
छतरी में नवनिर्मित आईटीआई भवन। संवाद