मंडी। जिले में पर्यटक आने वाले समय में पैरा-सेलिंग, जेट्टी, क्रूज सहित अन्य जल क्रीड़ा का लुत्फ उठा सकेंगे। सरकार के निर्देशों के बाद जिला में पर्यटकों को लुभाने के लिए प्रशासन ने कार्य शुरू कर दिया है। जिले में लारजी, बाखली की ओर पंडोह जलाशय के अलावा कोलडैम में ऐहण से तत्तापानी तक पैरा-सेलिंग, जेट्टी, क्रूज सहित अन्य जल क्रीड़ा की गतिविधियों को बढ़ावा देने की तैयारी है।
इसके लिए जिला प्रशासन ने प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर ली है। अब इसे मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मौजूदा समय में पर्यटक जिले में तो पहुंच रहे हैं लेकिन पर्यटक गतिविधियां ज्यादा न होने के कारण सीधे कुल्लू-मनाली की तरफ कूच कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार प्रदेश सरकार पर्यटन को नए आयाम देने के लिए इसमें जल क्रीड़ाओं सहित विभिन्न गतिविधियों को शामिल कर रही है।
इसे लेकर मंगलवार को उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में जिला पर्यटन नियामक समिति की बैठक हुई। इसमें पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त रोहित राठौर, उपमंडलाधिकारी (ना.) गोहर लक्ष्मण कनैत, जिला पर्यटन अधिकारी मनोज कुमार, सहायक निदेशक (मत्स्य) नीतू सिंह सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे। बैठक में जिला के पर्यटन स्थलों में सैलानियों को और बेहतर सुविधाएं प्रदान करने पर मंथन किया गया।
जिले में हैं ये पर्यटन स्थल
जिले में पराशर झील, रिवालसर झील, डेहनासर झील, पंडोह बांध, बरोट बांध, सुंदरनगर, कमरुनाग झील, शिकारी देवी मंदिर, कामाख्या देवी मंदिर, भूतनाथ मंदिर, भीमा काली मंदिर, त्रिलोकनाथ मंदिर, जंजैहली, तत्तापानी, कमलाह किला और चिंडी समेत कई पर्यटक स्थल हैं जो पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं। यहां हर साल लाखों की संख्या में देश-विदेश से पर्यटक इन वादियों को निहारने के लिए पहुंचते हैं।
...
जिले में पर्यटकों को लुभाने के लिए संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इसके लिए पर्यटन विभाग, स्थानीय प्रशासन को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। लारजी, बाखली की ओर पंडोह जलाशय के अलावा कोलडैम में ऐहण से तत्तापानी तक इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आरंभिक रिपोर्ट तैयार की गई है।
-अपूर्व देवगन, उपायुक्त मंडी
महंगापुर के श्री गुरु तेग बहादुर स्कूल में कबड्डी में प्रतिभाग करते स्कूली बच्चे। संवाद