बालीचौकी (मंडी)। प्राकृतिक आपदा के चलते बालीचौकी क्षेत्र में बिजली, पानी, सड़क और संचार सेवाएं पूरी तरह से ठप हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 20 दिनों से मोबाइल नेटवर्क बंद है, सड़कें टूट चुकी हैं और किसानों की सेब की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। इस पर जनवादी नौजवान सभा आक्रोशित है। सभा का कहना है कि इस स्थिति में प्रशासन राहत कार्यों को लेकर कोई ठोस कदम उठाता नजर नहीं आ रहा है।
भारत की जनवादी नौजवान सभा लोकल कमेटी बालीचौकी के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार और राज्य सचिव महेंद्र सिंह राणा ने बयान जारी कर कहा कि प्रशासन आपदा प्रबंधन में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। दोनों ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। स्थिति इतनी खराब है कि छात्र स्कूल पहुंचने के बाद ही छुट्टी घोषित की जाती है और उन्हें जान जोखिम में डालकर घर लौटना पड़ता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौसम साफ होने के बावजूद बिजली और मोबाइल नेटवर्क बहाल नहीं किया गया। बालीचौकी बाजार में आठ जेसीबी मशीनें खड़ी रहीं, लेकिन किसी को भी राहत कार्यों में नहीं लगाया गया। रात-दिन लोग नदी-नालों की स्थिति देखते हुए घरों से बाहर पहरा देने को मजबूर हैं।
सभा नेताओं ने कहा कि बागवानों की मेहनत पूरी तरह चौपट हो गई है। सड़कों के टूट जाने से सेब की फसल मंडियों तक पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर बिजली और मोबाइल नेटवर्क बहाल नहीं किए गए तो जनवादी नौजवान सभा आगामी मंगलवार को एसडीएम कार्यालय का घेराव करेगी। संवाद