भाजपा, कांग्रेस और माकपा ने झोंकी ताकत
आजाद प्रत्याशी बनीं मुकाबले का अहम चेहरा
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (मंडी)। जिला परिषद सरी वार्ड का चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प और कांटे का मुकाबला बनता जा रहा है। भाजपा, कांग्रेस और माकपा ने इस सीट को प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है। जबकि भाजपा से जुड़ी रहीं पूर्व प्रधान रिता कुमारी के बतौर आजाद प्रत्याशी मैदान में उतरने से मुकाबले के समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।
सरी वार्ड से भाजपा समर्थित रीना कुमारी, माकपा समर्थित सपना देवी, कांग्रेस समर्थित अजय कुमारी और आजाद प्रत्याशी रिता कुमारी चुनाव मैदान में हैं। चार प्रमुख उम्मीदवारों के उतरने से मुकाबला पूरी तरह बहुकोणीय हो गया है। भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती बागी फैक्टर को माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर रिता कुमारी की पकड़ और लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहने का फायदा उन्हें मिल सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि भाजपा के पारंपरिक वोटों में सेंध लगी तो इसका सीधा लाभ कांग्रेस और माकपा को मिल सकता है।
वहीं, माकपा समर्थित सपना देवी ग्रामीण मुद्दों और संगठन की पकड़ के सहारे चुनाव प्रचार में जुटी हैं। दूसरी ओर कांग्रेस समर्थित अजय कुमारी स्थानीय असंतोष और पारंपरिक वोट बैंक के भरोसे चुनावी मैदान में ताल ठोक रहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। फिलहाल सरी वार्ड में सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा अपना प्रभाव बरकरार रख पाएगी या फिर बागी फैक्टर विपक्ष के लिए नई संभावनाएं खोल देगा।