सुंदरनगर (मंडी)। सुंदरनगर शहरी क्षेत्र से जुड़ी पेयजल समस्या गंभीर बनने से शहरवासियों ने जल शक्ति विभाग के प्रति रोष जताया है। हालात यह हैं कि 45 करोड़ खर्च कर जनता को 24 घंटे पानी उपलब्ध करवाने के लिए बनाई गई योजना हांफने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुंदरनगर में करोड़ों खर्च करने के बाद भी जनता पेयजल को तरस रही है।
समाजसेवी अभिषेक ठाकुर, दिनेश, रमाकांत आदि ने बताया कि सुंदरनगर शहरी क्षेत्र के लिए जल जीवन मिशन के तहत सुंदरनगर शहरी क्षेत्र की जनता को 24 घंटे पेयजल मुहैया करवाने के लिए 45 करोड़ की लागत से उठाऊ पेयजल योजना तैयार की है। दो-ढाई साल से इतनी बड़ी योजना हांफने लगी है। 24 घंटे के बजाए योजना से लोगों को 24 मिनट भी पानी नहीं मिल पा रहा। सुंदरनगर की जनता पानी की कमी से जूझने को मजबूर है। जल शक्ति विभाग का कहना है कि अभी कई और दिनों तक लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ेगा। हालांकि अभी बरसात की दस्तक नाममात्र शुरू हुई है, अभी से ही योजना की पोल खुलने लगी है। समाजसेवियों ने कहा कि पेयजल योजना के फिल्ट्रेशन ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सही से काम नहीं कर रहा है। बरसात के चलते सुंदरनगर क्षेत्र में पीलिया के मामले भी बढ़ने लगे हैं, लेकिन चुने हुए नुमाइंदे इस समस्या से अनजान होकर लोगों की जिंदगिंयों से हो रहे खिलवाड़ का तमाशा देख रहे हैं।
बीएसएल झील में गाद और मिट्टी भरने से पेयजल आपूर्ति आंशिक रूप से बाधित हुई है। जल्द ही लोगों को सामान्य रूप से पेयजल आपूर्ति की जाएगी।
-रजत शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग सुंदरनगर