कटौला के तहत आती ग्राम पंचायत सेगली के गांव कालंग गांव में आई दरारें। स्त्रोत जागरूक पाठक
कटौला/मंडी। दस साल से डंगा नहीं लगा, अब बरसात में रहने का भी इंतजाम नहीं हो रहा है। यह कहना है भूस्खलन की चपेट में आई ग्राम पंचायत शेगली के कालंग गांव के बाशिंदों का। राज ठाकुर, बीरी सिंह, लाल सिंह, राम सिंह, जसपाल, यादव सिंह, मान सिंह और कुरम देव ने बताया कि गांव में 2013 से भूस्खलन हो रहा है। मंत्री, नेता और अधिकारियों को खतरे के बारे में बताया लेकिन एक कान से सुन दूसरे कान से बात निकाल दी। अधिकारियों को निरीक्षण भी करवाया लेकिन आश्वासन ही मिले, कुछ नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने कहा कि इस बार हुई बारिश में भूस्खलन की दरारें घर से 100 मीटर दूर तक पहुंच चुकी हैं। बेघर होने का डर सता रहा है। रात को बारिश के समय ग्रामीण बीरी सिंह और जगदीश के घरों में शिफ्ट हो रहे हैं। जागकर रातें काटनी पड़ रही हैं। करीब 14 परिवारों पर संकट मंडराया है। गांव की पहाड़ी का मलबा धंस कर नीचे बागी-कटौला खड्ड में पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने कालंग गांव में ऊपर शरण के लिए जगह देखी है लेकिन अभी तक तिरपाल नहीं मिल पाया है।
द्रंग मंडल भाजपा के अध्यक्ष राज ठाकुर बताते हैं कि पूरा गांव असुरक्षित हो गया है। स्थानीय लोग कई बार प्रशासन को सूचना दे चुके हैं, लेकिन अब तक न तो कोई अधिकारी पहुंचा है और न ही राहत या बचाव के कोई इंतजाम किए गए हैं। गांव में कई घर अब असुरक्षित स्थिति में हैं। कुछ परिवारों ने तो घर छोड़कर रिश्तेदारों या सुरक्षित स्थानों की ओर जाना शुरू कर दिया है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल भूगर्भीय सर्वेक्षण करवाया जाए। ग्रामीण सोमवार को आपदा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त मंडी से मिलेंगे।
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ग्रामीण गांव से दूर दूसरी जगह बसना नहीं चाहते हैं। उन्होंने खुद गांव के ऊपर रहने के लिए जगह देखी है। तिरपाल के लिए उच्चाधिकारियों को बता दिया है। गांव में स्कूल या सराय भी नहीं है। स्कूल दूर है। ग्रामीण सामान उठाकर जाना नहीं चाहते हैं। जल्द तिरपाल की व्यवस्था करवा दी जाएगी। पूरा गांव खतरे में है।
-अशोक कुमार, नायब तहसीलदार, कटौला
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