संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। ऐतिहासिक गुरु गोविंद सिंह गुरुद्वारा पड्डल में गुरु तेग बहादुर के 350वें शहादत वर्ष को समर्पित दो दिवसीय धार्मिक समागम का रविवार को भव्य समापन हुआ। गुरुवाणी कीर्तन, ढाडी गायन, कथा-कीर्तन और विद्वानों के शोधपत्रों से गुरुद्वारा परिसर भक्तिमय हो गया। संगत ने गुरु साहिब के बलिदान को नमन किया।
विचार गोष्ठी में डॉ. तेजेंद्रपाल सिंह, डॉ. पलविंदर कौर, सरदार हरबंत सिंह, संत हरपाल सिंह, परविंदर सिंह और संत विश्वेश्वर सिंह ने शोधपत्र प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन प्रो. परविंदर कौर ने किया।
समापन समारोह में अतिरिक्त उपायुक्त मंडी प्रियांशु खाती मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने युवाओं से गुरु साहिब के सत्य, साहस, करुणा और सेवा के संदेश को अपनाने का आह्वान किया।
मुख्य समन्वयक कुलदीप गुलेरिया ने बताया कि अकाल तख्त साहिब, अमृतसर से आए हजूरी रागी भाई गुरमेल सिंह जत्थे ने कीर्तन प्रस्तुत किया। कथावाचक भाई बलजीत सिंह और जसकरण सिंह ने गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। एनजेडसीसी पटियाला के सहायक निदेशक जरनैल सिंह ने बताया कि गुरु साहिब के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी 31 जुलाई तक जारी रहेगी। समागम में गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारी, संत-महात्मा और संगत के सदस्य उपस्थित रहे।