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Mandi News: आपदा ने सराज का बिगाड़ दिया नक्शा गांवों में बहे नालेे, मकान, सड़कें टूटीं

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थुनाग में आपदा के बाद तबाही का मंजर। संवाद - फोटो : shrinagar news
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थुनाग (मंडी)। प्राकृतिक आपदा ने सराज क्षेत्र के गांवों का नक्शा ही बदल दिया है। नदी-नालों ने भी रास्ता बदल दिया। मकानों को तबाह कर अब गांवों में नदी-नाले बहने लगे हैं। सराज क्षेत्र की 38 पंचायतों की संरचना को प्राकृतिक आपदा ने काफी प्रभावित किया है। थुनाग, जंजैहली, संगलवाड़ा, बूंगरैलचौक, जरोल, पांडव शीला, देजी और लंबाथाच जैसे क्षेत्र अब मलबे के ढेर में बदल गए हैं। उपतहसील बागाचनोगी और छतरी में भी यही आलम है। जहां झरने बहते थे, वहां अब कीचड़ और दलदल है। सड़कें और पुल ध्वस्त हो चुके हैं।
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थुनाग, जो कभी सराज का हृदय था, अब खतरे का पर्याय बन गया है। स्थानीय निवासी मस्त राम ने बताया, यहां रहना अब जिंदगी को दांव पर लगाने जैसा है। छोटे-मोटे नाले नदियों जैसे लग रहे हैं। जंजैहली, जो पहले थुनाग के करीब था, अब करसोग के ज्यादा नजदीक हो गया। लंबाथाच पंचायत दो हिस्सों में बंट गई। जरोल, पांडवशीला और तुंगाधार जैसे क्षेत्र पहचाने नहीं जा रहे हैं।
आपदा का सबसे भयावह रूप देजी बाजार में देखने को मिला। यहां स्कूल मलबे में दब गया, पशु चिकित्सालय, आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी और हेल्थ सब सेंटर नदी में समा गए। शिकारी देवी की पहाड़ियों पर जोरदार बारिश ने चिलम गाड़ से जलजला ला दिया। रूहाड़ा, रूहांडी, घंटी जाण, चाहड़ी और घोड़ा नाले विकराल रूप लेते हुए देजी खड्ड तक पहुंचे, जहां से फिर तबाही मचाना शुरू कर दी।
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आवागमन का संकट भी गहरा गया है। थुनाग से भराड़ तक 300 मीटर सड़क गायब हो चुकी है। पंचायत घर से देजी बाजार तक का रास्ता पूरी तरह मिट गया। पयाला गांव में 100 मीटर सड़क बह गई। चिऊणी से थुनाग की 17 किमी की दूरी अब असंभव हो गई, जबकि 50 किमी दूर बालीचौकी दो घंटे में पहुंचा जा सकता है। गांवों का आपस में संपर्क टूट चुका है।
खीरामणी, गीता देवी, हंसा देवी और तारा देवी जैसे किसानों की आलू, गोभी और सेब की फसलें तबाह हो गईं। सोहन, शेरू लाल और भीमसेन की दुकानें मलबे में दब गईं। राशन डिपो के बहने से ढाई सौ उपभोक्ता भोजन के लिए तरस रहे हैं।
स्थानीय निवासी रूप सिंह और हीरालाल ने बताया, सब कुछ खत्म हो गया। अब न घर बचा, न खेत। राहत और पुनर्वास की तत्काल जरूरत है। डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि जनजीवन को सामान्य बनाने के लिए प्रशासन लगातार डटा हुआ है। जल्द सराज को इस संकट से निकाल लिया जाएगा।
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