मंडी। अपीलीय अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली अपील को खारिज करने का आदेश दिया है।
सत्र न्यायाधीश की अपीलीय अदालत ने अधीनस्थ न्यायालय की ओर से आरोपी को दी गई चार माह के साधारण कारावास और 3 लाख रुपये हर्जाना देने की सजा को बरकरार रखा है। हर्जाना राशि अदा न करने पर आरोपी को 4 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
इस मामले के तथ्यों के अनुसार बल्ह तहसील के सिहन (गागल) गांव निवासी संजय कुमार पुत्र निक्का राम की विधिक देनदारी को अदा करने के लिए घट्टा (कुम्मी) निवासी डूम राम पुत्र खेम चंद ने 1,60,000 रुपये का एक चेक जारी किया था। शिकायतकर्ता ने जब चेक को भुगतान के लिए लगाया तो आरोपी के खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण यह बाउंस हो गया था।
ऐसे में शिकायतकर्ता संजय कुमार ने आरोपी डूम राम को अपने अधिवक्ता के माध्यम से 15 दिनों का कानूनी नोटिस जारी करके राशि की मांग की थी लेकिन आरोपी इस अवधि में राशि की अदायगी करने में असफल रहा। शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ अदालत में अभियोग चलाया था। अदालत ने अभियोग के साबित होने पर आरोपी को सजा का फैसला सुनाया था।
आरोपी ने सजा के इस फैसले को अपीलीय अदालत में चुनौती दी थी। आरोपी की अपील को खारिज करते हुए सत्र न्यायाधीश की अपीलीय अदालत ने अधीनस्थ न्यायालय द्वारा सुनाए गए सजा को बरकरार रखने का फैसला करते हुए आरोपी को अधीनस्थ न्यायालय के समक्ष सरेंडर करने का आदेश दिया है।