अस्पताल की सरकारी प्रयोगशाला में 1:30 बजे तक ही लिए जाते हैं सैंपल
मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए निजी लैबों में चुकाने पड़ रहे अधिक पैसे
बीपीएल और हिमकेयर कार्ड धारक मरीजों को नहीं मिल रही मुफ्ट टेस्ट की सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में 1:30 बजे के बाद मरीजों के टेस्ट नहीं हो रहे हैं। दोपहर बाद मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए पूरी तरह से निजी लैबों पर निर्भर होना पड़ रहा है। क्योंकि मेडिकल कॉलेज में क्रस्ना लैब ने तीन दिन पहले से ही बंद है। इससे जहां पर टेस्ट का सारा बोझ सरकारी प्रयोगशाला में बढ़ गया तो वहीं निजी लैबों में भी टेस्ट करवाने के लिए लाइनें लग रही हैं।
सरकारी प्रयोगशाला में पहले 1:30 बजे तक मरीजों के टेस्ट करने के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं। उसके बाद उन सैंपलों की जांच कर रिपोर्ट बनाई जाती है। शाम 4:00 बजे सरकारी प्रयोगशाला मरीजों के लिए बंद हो जाती है। ऐसी परिस्थिति में मरीजों को अपने टेस्ट करवाने के लिए निजी लैबों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
बीपीएल, हिमकेयर और आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों के जहां सरकारी प्रयोगशाला और क्रस्ना लैब में टेस्ट मुफ्त में किए जा रहे थे। उन सभी मरीजों को अब निजी लैबों में टेस्ट करवाने के लिए पैसे चुकाने पड़ रहे हैं। इसकी वजह से गरीब मरीजों को अपना इलाज करवाना मुश्किल हो रहा है। क्योंकि टेस्ट करवाने में उनके 400 से 500 रुपये खर्च हो रहे हैं। तीमारदारों में विनोद कुमार, दीपक शर्मा, किशोर, संजय कुमार, नरेंद्र, अशोक कुमार और केवल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में मरीजों के टेस्ट नहीं होने से मरीजों के साथ तीमारदारों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने प्रशासन और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से मांग की है कि मरीजों के टेस्ट शुरू करवाने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर विपिन ठाकुर ने बताया कि क्रस्ना लैब में मरीजों के टेस्ट शुरू करवाने के लिए व्यवस्था की जा रही है, जबकि सरकारी लैब में मरीजों के टेस्ट हो रहे हैं।