हिंदू नव वर्ष पर मंडी के सेरी मंच पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंची तसमीन फात्मा स्कूल
- फोटो : mathura
मंडी। शिक्षा का कोई धर्म नहीं होता है। यह बात हिंदू नववर्ष पर रविवार को सेरी मंच पर आयोजित कार्यक्रम में उस समय साबित हुई जब मुस्लिम युवती तसमीन फात्मा मंच पर पहुंची और संस्कृत में गाना पेश किया। सुरीली आवाज की धनी तसमीन के गीत को सुनकर हर किसी ने तालियों से उसकी हौसला अफजाई की। स्कूल ड्रेस में पहुंची तसमीन संस्कृत के श्लोक पढ़ना पसंद करती हैं और वेद मंत्रों का भी उच्चारण करती हैं।
श्रीमद्भागवत गीता भी पढ़ चुकी हैं।वह बताती हैं कि श्रीमद्भागवत गीता समस्त वेदों का सार है और हर किसी को पढ़नी चाहिए। तसकीन के पिता एमडी तनवीर फोरमैन हैं जबकि माता यास्मिन गुलशन गृहिणी है। मंडी के सौली खड्ड की रहने वाली तसमीन गुुरु गोविंद सिंह स्कूल में 12वीं कक्षा की विद्यार्थी हैं। वह बताती हैं कि उसका जन्म बिहार के पटना में हुआ था। जब दो माह की थी तब से मंडी में रह रही हूं। यहां की संस्कृति और कल्चर बेहद अच्छा है।
बचपन में यूट्यूब पर संस्कृत भाषा के कार्यक्रम को सुनकर सीखने की जिज्ञासा बढ़ी और जब स्कूल में पहुंची और मैडम ने संस्कृत के प्रति इस जुनून को और बढ़ा दिया। स्कूल के कार्यक्रम में भी गाने का मौका मिला। संस्कृत पढ़ने से कभी परिवार वालों ने नहीं रोका। तसकीन स्कूल की होनहार छात्रा है और दसवीं में वह 98 फीसदी अंकों के साथ टॉपर थीं। वह बताती हैं कि संस्कृत पढ़ना कठिन नहीं है। कहा कि समाज को धर्म में नहीं बांटना चाहिए। तसमीन यूपीएसई पास कर अधिकारी बनना चाहती हैं।