मंडी। जिला मंडी में कोरोना संकट के बीच अभिभावकों का निजी स्कूलों से मोह भंग होता जा रहा है। इस वर्ष जिलेभर में 9वीं से 12 कक्षा तक के 2943 विद्यार्थियों ने निजी स्कूल छोड़ सरकारी में दाखिला लिया है। अकेले बाल स्कूल मंडी में ही लगभग 100 बच्चों ने दाखिल लिया है। पिछले वर्ष सरकारी स्कूलों में 45931 विद्यार्थी थे, लेकिन इस बार विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 48874 हो गई है।
कोरोना के चलते अभिभावकों ने अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिल करवाया है। स्कूल बंद होने और निजी स्कूलों की फीस एवु अन्य फंड से निजात पाने के लिए अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों से छुड़ाकर सरकारी स्कूलों में प्रवेश दिला रहे हैं।
अभिभावकों का मानना है कि डेढ़ साल से स्कूल बंद हैं। अभिभावकों को निजी स्कूलों में भारी भरकम फीस चुकानी पड़ रही है। लिहाजा, अब अभिभावक निजी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने की अपेक्षा सरकारी स्कूलों में पढ़ाने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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बाल स्कूल में सभी बुनियादी सुविधाएं
बाल स्कूल मंडी के प्रधानाचार्य परसराम सैनी ने बताया कि विद्यालय में निजी स्कूलों की तर्ज पर सभी बुनियादी सुविधाएं हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। इस वर्ष विद्यालय में निजी स्कूलों से लगभग 100 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है।
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मंडी जिले में 9वीं से 12वीं तक के 2943 विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूलों में दाखिला लिया है। विद्यार्थी सरकारी स्कूलों का रुख कर रहे हैं।
-चिरंजी लाल, उच्च शिक्षा उपनिदेशक मंडी