पधर (मंडी)। उपमंडल पधर में पटवारी एवं कानूनगो संघ सामूहिक अवकाश पर रहने के बाद 28 फरवरी से पेनडाउन हड़ताल पर हैं। कानूनगो एवं पटवारी संघ की पधर इकाई के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार और संघ में वार्ता होने के बाद सरकार ने बलवान कमेटी बनाई थी। इसी कमेटी ने पटवारी कानूनगो की मांगों को न्यायसंगत माना था।
सरकार की ओर से बलवान कमेटी की सिफारिशें लागू किए बिना ही स्टेट कैडर की अधिसूचना कर दी गई। पदाधिकारियों ने कहा कि स्टेट कैडर की अधिसूचना रद्द की जाए। पटवारी पर गिरदावरी, तकसीम, निशानदेही, मौका ततीमा, इंतकाल दर्ज, जमाबंदी बनाना, विभिन्न प्रमाण पत्र बनाना, पेंशन फार्म राहत प्रकरण तैयार करना आदि कई तरह के कार्य हैं।
पटवारी के पास न तो सही हालात में पटवारखाने हैं, न ही आधुनिक उपकरण हैं। पटवारी से कानूनगो, कानूनगो से नायब तहसीलदार बनने में लगभग 30 साल लगते हैं। कानूनगो से नायब तहसीलदार बनने में केवल 60 प्रतिशत कोटा दिया जाता है। अन्य 20 प्रतिशत सीधी भर्ती और 20 प्रतिशत मिनिस्ट्रीयल स्टाफ को दिया जाता है। कहा कि मांगों को सरकार पूरा करे। संवाद