टिहरा (मंडी)। धर्मपुर उपमंडल के सरौन स्थित मॉडल स्कूल मैदान में जालपा कला मंच अवाहदेवी की ओर से करवाई जा रही 14 दिवसीय रामलीला मंचन के 7वें दिन कलाकारों ने मार्मिक दृश्यों का मंचन किया। इन्हें देख दर्शक दीर्घा में बैठे श्रोता भावुक हो गए।
दृश्यों में राम वनवास के दौरान भरत का वन पहुंच कर चित्रकूट में राम से मिलने का दृश्य भ्रातृ प्रेम की मिसाल रहा। वहीं, भरत राम से अयोध्या वापस लौटने का प्रस्ताव रखते हैं, लेकिन श्री राम इस प्रस्ताव को ठुकरा देते हैं। इसी कड़ी में माता कौशल्या, सुमित्रा और कैकई भी गुरु वशिष्ठ सहित चित्रकूट पहुंचते हैं और राम से अयोध्या लौटने की गुहार लगाते हैं। राम रघुकुल रीत की दुहाई देते हुए अयोध्या नहीं लौटते। पंचवटी में लंका पति रावण की बहन स्वरूप नखा राम और लक्ष्मण पर मोहित होकर उनसे शादी का प्रस्ताव रखती हैं, जिसे राम-लक्ष्मण अस्वीकार देते हैं, शूर्पणखा की बार-बार शरारत करने पर क्रोधित होकर लक्ष्मण उसकी नाक काट देते हैं। रामलीला मंचन के सातवीं संध्या में स्थानीय कारोबारी सुमित राणा बतौर मुख्य अतिथि और कारोबारी हैप्पी वशिष्ठ अतिथि के रूप में मौजूद रहे। संवाद