थुनाग (मंडी)। सराज में नशे के बढ़ते प्रचलन पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अब मैत्री योजना का सहारा लेगी। योजना में पुलिस की टीम, पुलिस सहायता कक्षों को सक्रिय किया जाएगा। इसमें पुलिस के अधिकारी सामुदायिक पुलिसिंग के कार्यक्रमों और गतिविधियों को आयोजित करने और संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। एनजीओ, सामाजिक संस्थाएं और धार्मिक संगठन, स्थानीय नेता, पंचायत प्रधान, पार्षद, विधायक, सांसद, युवक मंडल, महिला मंडल आदि की भी सहायता ली जाएगी। योजना में पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त लोगों को भी शामिल किया जाएगा।
मैत्री योजना में पुलिस और स्थानीय समुदाय के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने की पहल है। इसमें पुलिस और स्थानीय समुदाय के बीच नियमित बैठकें आयोजित की जाती हैं ताकि अपराध की समस्याओं पर चर्चा और समाधान निकाले जा सकें। पुलिस और नागरिकों के बीच संवाद को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसमें पुलिस-नागरिक मीटिंग, जागरूकता अभियान, और सामुदायिक कार्यक्रम आदि होंगे। अपराध की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान और सामुदायिक पुलिसिंग टीमें बनाई जाती हैं। पुलिस-नागरिक साझेदारी, अपराध की रोकथाम के लिए तकनीकी सहायता भी प्रदान की जाएगी। इसमें सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल एप आदि के इस्तेमाल के बारे में बताया जाएगा। डीएसपी करसोग गौरवजीत सिंह ने बताया कि थाना स्तर पर सामुदायिक पुलिसिंग समिति, विश्वास योजना और पुलिस क्लब जिसमें रोड सेफ्टी क्लब, स्टूडेंट्स क्लब और स्पोर्ट्स क्लब को सक्रिय किया जाएगा।
जंजैहली के थाना प्रभारी तथा बीट इंचार्ज को अपने-अपने क्षेत्रों में समुदायों के साथ मिलकर काम करने को कहा है। उन्होंने बताया कि मैं स्वयं भी पंचायत, व्यापार मंडल, स्कूल और कॉलेजों में जाकर संवाद कर रहा हूं। नशाखोरी खासकर चिट्टे जैसी बुराई जनभागीदारी के बिना समाप्त नहीं की जा सकती है। इस योजना का मकसद व्यापक जनभागीदारी से समाज में पनप रही बुराइयों को समाप्त करना है।
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