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Mandi News: हाईटेक गाड़ियों के विरोध में कुछ पार्षद, विजिलेंस जांच की मांग उठाई

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निगम का जबाव, हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद ही ली गई हैं हाईटेक गाड़ियां
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद नगर निगम मंडी पहुंचीं कूड़ा उठाने वाली हाईटेक गाड़ियों को लेकर कुछ पार्षद विरोध में उतर आए हैं। कुछ पार्षदों ने इसकी विजिलेंस जांच करवाने की मांग की है। सोमवार को नगर निगम में बुलाई बैठक वर्चुअल चर्चा में बदलने से नाराज पार्षदों ने उपमहापौर के कार्यालय में पहुंचकर हाईटेक गाड़ियों पर विरोध जताया। कुछ पार्षदों ने कहा कि पहले कूड़ा उठाने वाली गाड़ी का प्रतिमाह किराया 32,566 रुपये था लेकिन अब प्रतिमाह 24,434 रुपये ज्यादा देकर 57 हजार रुपये चुकाने पड़ेंगे।
पैलेस कॉलोनी के पार्षद हरदीप सिंह ने कहा कि पहले सालाना कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों पर निगम 4.88 लाख रुपये चुका रहा था लेकिन अब नई गाड़ियों को तीन साल का टेंडर दिया गया है। इससे निगम को 3.7 करोड़ रुपये चुकाने पड़ेंगे, जबकि 1.80 करोड़ में 15 नई गाड़ियां आ जानी थी। उन्होंने कहा कि आचार संहिता के बाद मामले की विजिलेंस जांच करवाने की मांग करवाई जाएगी। उधर, निगम का कहना है कि हाईकोर्ट की डायरेक्शन के बाद ही गाड़ियों को लाया गया है। इससे सूखे और गीले कूड़े के निष्पादन में आसानी हो रही है। पहले खुले में सूखा और गीला कूड़ा ले जाने से कर्मियों को डंपिंग साइट पर इसे अलग करना पड़ता था।
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हाईटेक गाड़ियों पर सियासत, पार्षद बोले- ज्यादा खर्चा चुकाना पड़ेगा
-सुहड़ा मोहल्ला की पार्षद नेहा कुमारी ने बताया कि नई गाड़ियों के आने के बाद से वार्डों में अब एक बजे तक कूड़ा पड़ा होने की शिकायतें मिलने लगी हैं। नई गाड़ी में कूड़ा डालने की क्षमता कम होने के चलते तीन से चार फेरे लगाने पड़ रहे हैं।
-उपमहापौर माधुरी कपूर ने बताया कि सोमवार को कोरम पूरा नहीं हुआ। नई गाड़ियों की आचार संहिता के बाद विजिलेंस जांच की मांग की जाएगी, ताकि निगम को ज्यादा पैसे न चुकाने पड़ें।
-बैहना के पार्षद कृष्ण भानू ने बताया कि नई गाड़ियों के आने से पुराने वाले बेरोजगार हो गए हैं। निगम को पहले की अपेक्षा पैसे भी ज्यादा चुकाने पड़ रहे हैं। जो नई गाड़ियां हैं, उनमें कूड़ा पूरा नहीं आ रहा है।
-सन्याहरड़ के पार्षद वीरेंद्र आर्य ने कहा कि निगम आर्थिक मंदी से गुजर रहा है। ऐसे में महंगी और हाईटेक गाड़ियों से निगम का खर्चा और ज्यादा बढ़ जाएगा।
-नेला के पार्षद राजेंद्र मोहन ने कहा कि पहले जाे गाड़ियां थी। वे खुली होने और सभी गाड़ियों के वार्ड 3 और 4 से गुजरने पर कूड़ा उनके वार्ड में गिरता था। ऐसे में मिक्खयों और बंदर भी उसमें मुंह मारते थे। मोटर व्हीकल एक्ट में ही इन गाड़ियों का प्रावधान किया गया था।
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कोट्स
हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही इन हाईटेक गाड़ियों के ग्लोबल टेंडर किए गए हैं। सरकार के अधिकारियों को भी इस बारे में बता दिया गया है। खर्चा ज्यादा होगा लेकिन कूड़े के निस्तांरण में काफी मदद मिलेगी।
-एचएस राणा आयुक्त, नगर निगम मंडी
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