उप परियोजना अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए फोरलेन संयुक्त संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल। स्त्रोत
मंडी। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन में नौलखा से डडौर तक विभिन्न तरह की बुनियादी सुविधाएं देने की मांग संयुक्त फोरलेन संघर्ष समिति ने उठाई है। समिति के अध्यक्ष जोगिंद्र वालिया की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना उप अधिकारी एके झा को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने नौ मार्च 2015 के उच्च न्यायालय के फैसले को लागू करने का आग्रह किया।
समिति के अध्यक्ष जाेगिंद्र वालिया ने कहा कि निर्णय में न्यायालय ने साफ कहा है कि आम जनता को बुनियादी सुविधाओं के साथ सर्विस लेन प्रदान की सुविधा प्रदान की जाए। दस साल के बाद भी कुछ मकान की भूमि का अभी तक अधिग्रहण नहीं किया गया है जोकि प्रस्तावित सर्विस रोड के दायरे में है। इस वजह से सर्विस रोड नहीं बन पा रहा है। उपरोक्त भूमि मकान की निशानदेही करवाकर मूल्यांकन और अवार्ड घोषित की जाए। बची हुई भूमि पर पक्की बुर्जियां लगाने की भी मांग की है। इसके अलावा पैदल पथ नौलखा, तरोट और भौर समेत डडौर-भौर और कनैड (स्कूल) और भौर में बस स्टैंड भी बनाए जाएं।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग उठाई है कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग से लावारिस पशुओं को हटाया जाए। डडौर चौक में व्हीकल अंडर पास का कार्य शुरू किया जाए। ग्रामीण संपर्क मार्ग को जोड़ने, स्कूल, अस्पताल, बिजली कार्यालय और सहकारी व्यापारिक संस्थान में टी प्वाइंट, हर 500 मीटर के फासले में आम लोगों को आर-पार पैदल आने-जाने के लिए रास्ता छोड़ा जाए। टीसीपी में राहत दी जाए। फोरलेन के कारण प्रभावित कुएं और हैंडपंप, सामुदायिक शौचालय (कनैड) को पुनर्स्थापित किया जाए। नौलखा से डडौर तक चार गुना मुआवजा और कनैड, भौर में 12 प्रतिशत ब्याज की अदायगी एवं दुकानदारों को मुआवजा दिया जाए।
प्रतिनिधिमंडल में समिति सचिव विजय ठाकुर, कानूनी सलाहकार जितेंद्र वर्मा आदि मौजूद रहे। परियोजना उपअधिकारी एके झा ने संयुक्त फोरलेन संघर्ष समिति को आश्वस्त किया कि 20 मई तक इसमें कार्य शुरू कर दिया जाएगा। समिति ने चेताया है कि अगर कार्य शुरू नहीं किया गया तो प्रबंधन का घेराव किया जाएगा। संवाद