चंबा। नगर परिषद कार्यालय में मंगलवार को हुई नगर परिषद की बैठक हंगामेदार रही। एक तरफ जहां कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी विकास कार्य न होने से नाराज दिखे तो वहीं शहर में लगने वाले पोल और लाइटों की खरीद के लिए कुटेशन प्रदेश के अन्य जिला से आने पर कसाकड़ा वार्ड पार्षद ने जनरल हाउस से वाकआउट कर दिया। बहरहाल बैठक में शहर में विकास कार्य शुरू होने का रास्ता साफ नहीं हो पाया है। तमाम चर्चाओं के बाद भी बैठक में कोई निष्कर्ष नहीं निकला। वहीं, दूसरी तरफ अब कांग्रेस समर्थित पार्षद अंदर खाते निराश हैं और इस मामले को लेकर नगर परिषद चंबा के खिलाफ आंदोलन करने की तैयारी में हैं। गौरतलब है कि नगर परिषद चंबा की ओर से माह में जनरल हाउस का आयोजन किया जाता है। बैठक में शहर में विकास कार्याें का खाका तैयार किया जाता है और टेंडर प्रक्रिया के बाद इन कार्याें को शुरू किया जाता है। मगर पिछले एक साल से शहर में टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। इस कारण विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। ऐसे में विभिन्न वार्डाें के पार्षद भी नगर परिषद की कार्यप्रणाली से खुश नहीं है। बहरहाल, शहर में ठप पड़े विकास कार्याें के शुरू का इंतजार लंबा होता जा रहा है।
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कसाकड़ा वार्ड पार्षद देविंद्र शर्मा का कहना है कि पिछले करीब एक साल से टेंडर प्रक्रिया लटकी हुई है। कहा कि वर्तमान में जो कुटेशन पोल और लाइटों की खरीद के लिए हाउस में प्रस्तुत की गई है वो ऊना जिला के ठेकेदार की ओर से प्रस्तुत की है। जिले का कोई भी व्यक्ति इसमें नहीं है। इसके अलावा जो टेंडर लगाए गए, उनके प्रसार प्रचार में भी नगर परिषद ने ढील बरती है।
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नगर परिषद चंबा के कार्यकारी अधिकारी संदीप कुमार ने माना कि जब वे मीटिंग में थे तो पार्षद ने काम न होने को लेकर नाराजगी जाहिर की। इसके बाद वे जरूरी कार्य के चलते बैठक से चले गए।