बीमारों को अस्पताल तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण, विद्यार्थी भी पेैदल सफर को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल की रोपा बनवार बस रूट सड़क खस्ताहाल होने के बंद है। इस कारण ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों और लोगों को 5 किलोमीटर का पैदल सफल तय कर जोगिंद्रनगर और वापस घर तक पहुंचना पड़ रहा है। गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए भी 10 गांवों के लोगों परेशानियों से जूझना पड़ता है। रोपा बनवार निवासी संजीव, मीना, दिनेश सहित अन्य लोगों ने बताया कि पूर्व में जोगिंद्रनगर बस अड्डा से बनवार रूट पर निगम की एक बस सुबह 9 बजे और दूसरी दोपहर बाद 2 बजे के पहुंचती थी, लेकिन कई दिनों से इस बस को बंद कर दिया गया है। स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों को 5-7 किलोमीटर पैदल चलकर दूसरी जगह से बस लेनी पड़ रही है। जोगिंद्रनगर बनवार रूट पर चलने वाली निगम कि बस बनवार न पहुंचकर चडोंझ तक ही पहुंच रही है, जबकि चड़ोंझ से बनवार की दूरी लगभग 5 किलोमीटर है। बस बनवार न पहुंचने से भजेरा, टीला, ठाणा, गहरा, बल्ह, गदयाड़ा, रोपड़ू, बहुला चडोंझ, द्रोबड़ा, रोपा व बनवार गांवों के हजारों लोग परेशान हैं। ग्रामीणों ने परिवहन निगम जोगिंद्रनगर से बंद की गई बस को दोबारा तय रूट पर चालू करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेताया कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज ने दोटूक कहा है कि अगर सड़क को जल्द बहाल कर निगम की बस सेवाएं शुरू नहीं की तो वह ग्रामीणों के साथ अधिकारियों का घेराव भी करेंगे।
क्या कहते हैं अधिकारी
लोक निर्माण विभाग जोगिंद्रनगर के अधिशासी अभियंता जेपी नायक ने बताया कि खराब मौसम के चलते दुर्गम क्षेत्र की संपर्क सड़कों को बहाल नहीं किया जा सका है। इधर हिमाचल पथ परिवहन निगम के मंडलीय पंकज चड्ढा ने कहा कि वे बस डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक से फील्ड रिपोर्ट हासिल कर बंद पड़ी बस सेवाओं को बहाल करने के निर्देश जारी करेंगे।