लडभड़ोल में मजदूरी और रोजगार के दिनों पर जताया असंतोष
रिक्त पद भरने और कौशल प्रशिक्षण देने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
लडभड़ोल (मंडी)। लडभड़ोल तहसील और लांगणा पंचायत क्षेत्र में ग्रामीण रोजगार योजनाओं की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और युवाओं ने योजना के तहत पर्याप्त काम नहीं मिलने और कम मजदूरी दिए जाने का आरोप लगाते हुए सरकार से स्थायी रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग की है।
स्थानीय निवासी राजमल राणा, बॉबी, मनीष शर्मा, मधुसूदन, राजेश, विशाल, टीनू और अभिनव राणा का कहना है कि श्रमिकों को आठ घंटे काम करने के बदले करीब 300 रुपये दिहाड़ी मिल रही है, जबकि खुले बाजार में मजदूरी 500 रुपये से अधिक है। उनका दावा है कि योजना के तहत 125 दिन रोजगार देने का प्रावधान होने के बावजूद कई श्रमिकों को मुश्किल से 50 दिन ही काम मिल पाता है।
युवाओं ने सरकार से सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने, सीधी भर्ती के माध्यम से स्थायी रोजगार उपलब्ध करवाने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि रोजगार योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ उपलब्ध करवाए जा रहे काम की उपयोगिता और श्रमिकों को मिलने वाले लाभ पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
वहीं, बीडीओ चौंतड़ा प्रतिमा मिन्हास ने कहा कि यह योजना उन लोगों के लिए बनाई गई है, जिनके पास आजीविका का कोई अन्य साधन नहीं है। उन्होंने बताया कि योजना से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए लोग स्थानीय पंचायत प्रधान या अपने विकास खंड कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।