मंडी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन की ओर से विपाशा सदन मंडी में चार फरवरी को प्रथम बैठक की जाएगी। इसमें महाशिवरात्रि महोत्सव में आने वाले 216 देवी-देवताओं को निमंत्रण देने का संशय छंटेगा।
निमंत्रण मिलते ही देवी-देवताओं के कारदार तैयारियों में जुटेंगे। शुक्रवार को बैठक की अध्यक्षता जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर करेंगे। बैठक में सरकार और गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहेंगे। इसमें महाशिवरात्रि महोत्सव के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। महाशिवरात्रि महोत्सव के आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने पड्डल मैदान आवंटन को लेकर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है।
महाशिवरात्रि महोत्सव की तैयारियां दो महीने पहले से शुरू हो जाती थी और दूरदराज के देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजना शुरू कर दिया जाता है, लेकिन इस बार मात्र 25 दिन शेष बचे हैं लेकिन लोगों में महोत्सव के आयोजन को लेकर संशय बना हुआ है। कोविड के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में भी देवी-देवताओं के कारदारों में महाशिवरात्रि मेले में आने को लेकर सही तैयारियां नहीं हो पाई हैं। महाशिवरात्रि महोत्सव आयोजन समिति की बैठक होने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
इस बार महाशिवरात्रि मेला दो मार्च से लेकर सात मार्च तक मनाया जाएगा। मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने पहले भी बैठक बुलाई थी लेकिन कोविड मामले बढ़ने के कारण स्थगित कर दी थी। सांस्कृतिक संध्याओं को लेकर ऑडिशन न होने पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। सर्व देवता सेवा समिति के प्रधान शिवपाल शर्मा ने प्रशासन से मांग की है कि देव संस्कृति सदन मोतीपुर का महाशिवरात्रि से पूर्व उद्घाटन करके देवी-देवताओं को बैठने का स्थान उपलब्ध करवाया जाए।
एडीएम मंडी राजीव कुमार ने बताया कि महाशिवरात्रि मेले को लेकर विपाशा सदन भ्यूली में बैठक का आयोजन किया जाएगा। इसमें मेले की पूरी स्थिति स्पष्ट की जाएगी। एसीटूडीसी मंडी संजय कुमार ने बताया कि बैठक में निर्णय लेते ही पूर्व की भांति देवी-देवताओं को तहसीलदार और पटवारी के माध्यम से निमंत्रण भेजना शुरू कर दिया जाएगा। इसमें सर्व देवता समिति की राय ली जाएगी।
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