आदेश तत्काल प्रभाव से लागू, अवहेलना करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
उपायुक्त ने सभी एसडीएम को दिए आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। मानसून में आपदा से बचाव के लिए जिला प्रशासन गंभीर हो गया है। इस बार जिला प्रशासन किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहता। पिछले साल की आपदा को ध्यान में रखते हुए जिले में 31 अगस्त तक पहाड़ों की कटिंग पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। वहीं, अगर कोई आदेशों की अवहेलना करता हुआ पाया गया तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी। उपायुक्त ने सभी एसडीएम को भी आदेश दिए हैं कि वे उनके आदेशों का पालन करवाना सुनिश्चित करें।
जिला दंडाधिकारी एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अपूर्व देवगन ने आदेश जारी करते हुए कहा कि जिले में 31 अगस्त तक पहाड़ों की कटिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। प्रतिबंध के चलते अब 31 अगस्त तक आपदा को कम करने वाले कार्यों और आपदा प्रभावित भवनों और सड़कों के पुनर्निर्माण को छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार के निजी विकास और निर्माण गतिविधियों के लिए पहाड़ को काटना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
कटिंग कार्यों पर प्रतिबंध बरसात के मौसम में मानव जीवन की सुरक्षा करने, गांवों के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने, जिले के नाजुक पारिस्थितिक पर्यावरण को संरक्षित करने और बरसात में कटिंग के चलते पत्थर गिरने से होने वाले नुकसान को सीमित करने के इरादे से लगाया है। उपायुक्त ने यह आदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 33 और 34 के तहत हिमाचल प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन के जारी आदेशों की अनुपालना करते हुए जारी किए हैं।
सड़क निर्माण कंपनियों और एजेंसियों को सख्त हिदायतें
जिला प्रशासन ने जिला मंडी में सड़क निर्माण कार्यों में लगी सभी एजेंसियों, एनएचएआई और पीएमआईयू के परियोजना निदेशक, सभी उपमंडल अधिकारियों और कार्यकारी मजिस्ट्रेटों को इन आदेशों की कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
उपायुक्त ने कहा है कि आदेशों का उल्लंघन आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत दंडनीय अपराध होगा और जिला मंडी के सभी उपमंडल मजिस्ट्रेट और कार्यकारी मजिस्ट्रेट और एसडीएम की ओर से अधिकृत अधिकारी आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 60 के तहत कानूनी कार्रवाई करने के लिए अधिकृत होंगे। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51-60 के प्रावधान के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
पिछली बरसात में पहाड़ों की कटिंग ने मचाई थी तबाही
गौरतलब है कि पिछली बरसात में फोरलेन, टनलों और अन्य सड़कों के निर्माण को लेकर एनएचएआई के अधीन आने वाली कंपनियों ने मंडी से कुल्लू तक कई प्रकार की कटिंग की थी, जिसके कारण पहाड़ बार-बार गिरते रहे। इस बार ऐसा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने पहले ही पहाड़ों की कटिंग पूरी तरह से 31 अगस्त तक बंद कर दी है।