सरकाघाट में एचआरटीसी कार्याशाला में बसों की मरम्मत करते पीस मील वर्कर।
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मंडी। जिला मंडी के एचआरटीसी डिपुओं की कार्यशालाओं में तैनात पीसमील वर्करों ने रविवार को काम पर लौटते ही खराब 11 बसों को ठीक किया जबकि कई बसों की सर्विस भी की। हड़ताल के दौरान खराब बसें कार्यशालाओं में खड़ी थी, अब उनका मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है।
पीसमील वर्करों ने दावा किया कि एक सप्ताह के भीतर सभी बसों को ठीक कर दिया जाएगा। इससे प्रभावित रूटों पर भी यातायात सुचारु हो जाएगा। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में मंडी डिविजन में 5 से 6 वर्ष पूरे करने वाले पीसमील वर्करों को पॉलिसी के हिसाब से अनुबंध पर लेने का फैसला ले लिया है।
इसके चलते रविवार 11 बजे पीसमील वर्करों ने 20 दिन बाद हड़ताल खत्म कर काम करना शुरू कर दिया है। इस दौरान सरकाघाट डिपो की तीन बसें, मंडी डिपो की पांच बसें, सुंदरनगर में तीन बसों की मरम्मत की गई है। अनुबंध पर लेने के आश्वासन के बाद कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ काम कर रहे हैं। रविवार को मंडी डिपो में 30, सरकाघाट डिपो में 25 और सुंदरनगर में 28 पीसमील वर्करों ने कार्य शुरू किया।
मंडी डिविजन के डीएम संतोष कुमार ने बताया कि मंडी डिविजन में 179 पीस मील वर्करों की हड़ताल के कारण 42 बसें कार्यशाला में खड़ी हो गई थीं। अब कर्मचारियों के काम पर लौटने से बसों को ठीक किया जा रहा है। कहा कि एक सप्ताह में सब सामान्य हो जाएगा।
पीसमील वर्कर संगठन के मंडी मंडलीय प्रधान रजत रावत, प्रेस सचिव अमर वालिया, कोषाध्यक्ष भूपेंद्र, महासचिव लाभ सिंह, मंडी यूनियन के प्रधान राज कृष्ण, उपप्रधान कुशाल कुमार, अमित ठाकुर, महासचिव सीता राम आदि ने बोर्ड के निर्देश के बाद हड़ताल खत्म कर दी है।