जोगिंद्रनगर अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ने पर एक बिस्तर पर उपचार ले रहे दो मरीज। संवाद
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में मरीजों को खून के टेस्ट और ओपीडी सेवाओं के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे इलाज लेना मुश्किल हो गया है। सरकारी प्रयोगशाला में दोपहर 12 बजे के बाद टेस्ट सुविधा बंद हो जाती है। इस कारण मरीजों को क्रस्ना लैब या निजी प्रयोगशालाओं का सहारा लेना पड़ रहा है।
शुक्रवार को क्रस्ना लैब में दोपहर तीन बजे तक मरीजों की भीड़ लगी रही। कुछ मरीजों को निजी लैब में जाकर महंगे दामों पर टेस्ट करवाने पड़े। अस्पताल के पर्ची काउंटर से लेकर ओपीडी और लैब के बाहर टेस्ट के लिए लंबी कतारों और भीड़ के कारण गर्भवती महिलाओं को भी परेशानी हो रही है।
संसाधनों की कमी के कारण जोगिंद्रनगर अस्पताल की सरकारी और क्रस्ना लैब रिपोर्ट समय पर नहीं मिल रही हैं। अस्पताल में उपचाराधीन ग्लूकोज लगे मरीजों को बोतल हाथ में पकड़कर ओपीडी में बुलाने पर मरीजों की हालत और बिगड़ रही है। उधर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नरेंद्र भारद्वाज ने कहा कि जोगिंद्रनगर अस्पताल की टेस्ट सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
अस्पताल में अव्यवस्था, एक बैड पर दो-दो मरीजों का उपचार
शुक्रवार को जोगिंद्रनगर अस्पताल में ओपीडी में गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण एक बैड पर दो-दो मरीजों का उपचार किया गया। शिशु ओपीडी में ताला लगे होने से गंभीर मरीज बिना उपचार लौट गए। गायनी विशेषज्ञ आपातकालीन वार्ड में होने से महिला रोगियों को भी सही समय पर उपचार नहीं मिल सका। हालांकि, आपातकालीन स्थिति में गायनी विशेषज्ञ डॉ. तेंजिन ने ऑपरेशन थियेटर में सेवाएं प्रदान कीं।
जोगिंद्रनगर अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ने पर एक बिस्तर पर उपचार ले रहे दो मरीज। संवाद