सुंदरनगर में इंसान के रिश्तों को दर्शाते और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर प्रहार करते द डाॅल नाटक म
सुंदरनगर (मंडी)। राजकीय बहुतकनीकी कॉलेज सुंदरनगर के सभागार में शुक्रवार को संकल्प रंगमंडल शिमला द्वारा प्रस्तुत नाटक 'द डॉल' ने दर्शकों को गहरे तक प्रभावित किया। नाटक ने 21वीं सदी के गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के बावजूद इंसानी रिश्तों की अनिवार्यता को दर्शाया।
नाटक का निर्देशन केदार ठाकुर ने किया और इसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नाटककार मीरो गावरान की रचना पर आधारित सौरभ श्रीवास्तव ने रूपांतरित किया। मुख्यातिथि के रूप में निदेशक तकनीकी शिक्षा अक्षय सूद मौजूद रहे। रूपेश भीमटा और 2024 की मिस आरकेएमवी येशवी भारद्वाज की भूमिकाओं को दर्शकों ने खूब सराहा।
कहानी में मुख्य किरदार रुद्र की प्रेमिका सात साल बाद उसे छोड़ देती है। इसके बाद वह एक एंड्रॉयड डॉल ‘माया’ को जीवन में लाता है। माया उसे यह सिखाती है कि तकनीक की अपार सुविधाओं के बावजूद असली साथी की कमी जीवन को अधूरा बना देती है। संगीत रोहित कंवल ने दिया, जबकि सेट डिजाइन दीपिका राया, रोहित सिंह परमार और ऋषि राय ने किया।
मंच प्रबंधन में राखी और प्रचार-प्रसार में नरेश के मिंचा का योगदान रहा। नाटक ने संदेश दिया कि चाहे तकनीक कितनी भी विकसित हो जाए, इंसानी रिश्तों की जटिलता और महत्ता को कोई नहीं बदल सकता।
सुंदरनगर में इंसान के रिश्तों को दर्शाते और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर प्रहार करते द डाॅल नाटक म