जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में मंगलवार देर रात सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल रोगी दो घंटे तक एंबुलेंस के लिए तड़पता रहा। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने एंबुलेंस सुविधा मुहैया नहीं करवाई।
गहरी चोटों के चलते ढेलू निवासी अकरम को टांडा रेफर किया था। एंबुलेंस न मिलने से उन्हें घंटों तक दर्द सहना पड़ा। इससे नाराज तीमारदारों ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर रोष जताया और हंगामा किया। इसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे लेकिन एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं हो सकी। तीमारदारों ने देर रात मुश्किल से निजी गाड़ी कर घायल को टांडा पहुंचाया। वहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
गौरतलब है कि मंगलवार देर शाम सरकाघाट-जोगिंद्रनगर सड़क पर बाइक और स्कूटर की टक्कर हो गई थी। इस हादसे में गरोड़ गांव में तीन लोग गंभीर घायल हुए। इसमें घायल अकरम को देर रात टांडा रेफर किया गया। स्थानीय निवासी राज शर्मा, अशोक सूद, ओम मरवाह, हरीश कुमार, ओमानंद ने स्वास्थ्य विभाग से जोगिंद्रनगर अस्पताल में एंबुलेंस मुहैया करवाने की मांग की है।
सवा लाख की आबादी एक एंबुलेंस के सहारे
जोगिंद्रनगर अस्पताल पर करीब सवा लाख की आबादी निर्भर है। इसके बावजूद यहां मात्र एक एंबुलेंस ही तैनात की गर्ठ है। यदि आपात स्थिति में एंबुलेंस की जरूरत पड़ जाए तो रोगी रामभरोसे है। तीमारदारों को टैक्सियां या निजी गाड़ी ढूंढने में पसीने छूट जाते हैं। औसतन जोगिंद्रनगर अस्पताल में पांच सौ ओपीडी होती है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से होगी बैठक
रोगी कल्याण समिति जोगिंद्रनगर के अध्यक्ष और एसडीएम डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल मरीज को एंबुलेंस न मिलने की जानकारी उन्हें मिली है। वे स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से अस्पताल में अतिरिक्त एंबुलेंस का प्रावधान करने की चर्चा को लेकर बैठक करेंगे।
एंबुलेंस की कमी होगी पूरी
स्वास्थ्य विभाग मंडी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र शर्मा ने बताया कि इस बारे में जानकारी मिली है। एंबुलेंस की कमी को पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।