जोनल अस्पताल मंडी में स्थापित क्रस्ना लैब में टेस्ट करवाने पहुंचे मरीज। संवाद
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में स्थापित हार्मोन जांच मशीन खराब होने से मरीजों को थायराइड के निशुल्क टेस्ट की सुविधा नहीं मिल पा रही है। अस्पताल में स्थापित निजी क्रस्ना लैब में थायराइड टेस्ट करवाने पर एक दिन बाद रिपोर्ट मिल रही है। इससे दूरदराज के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी स्तर पर मशीन दुरूस्त न होने पर अस्पताल पहुंचने के बाद भी मरीजों का मर्ज बढ़ता जा रहा है।
डॉक्टर रोजाना औसतन करीब 50 मरीजों को थायराइड जांच करवाने की सलाह दे रहे हैं। जब मरीज सरकारी अस्पताल की लैब में पहुंच रहे हैं, तो मशीन खराब होने का पता चल रहा है। इसके बाद मरीज क्रस्ना लैब पहुंच रहे हैं तो भीड़ देखकर ही पसीने छूट रहे हैं। सैंपल देने की बारी आने पर पता चलता है कि रिपोर्ट दो दिन बाद मिलेगी। थक हारकर दूरदराज के मरीजों को निजी लैब का ही सहारा लेना पड़ रहा है।
क्षेत्रीय अस्पताल मंडी के एमएस डॉ. धर्म सिंह वर्मा ने बताया कि हार्मोन जांच मशीन को ठीक करवाने के लिए इंजीनियर को बुलाया था। मग मशीन के एक पुर्जे को बदलने के लिए करीब दो लाख का खर्च बताया है। मामला उच्चाधिकारियों के ध्यान में है। शीघ्र ही अस्पताल की रोगी कल्याण समिति की बैठक में उच्चाधिकारियों से चर्चा कर मशीन को ठीक करवाने की मांग की जाएगी।
मशीन खराब होने नहीं हो रहे यह टेस्ट
हार्मोन जांच मशीन में महिलाओं में कैंसर का पता लगाने के लिए सीए 125 टेस्ट, पुरुष के प्रोस्टेट बीमारी का पता करने के लिए पीएसए टेस्ट, विटामीन बी12 सहित थायराइड के अन्य टेस्ट किए जाते हैं।