गोहर (मंडी)। एमेजोन, फ्लिपकार्ट और स्नेपडील कंपनियों की ऑनलाइन शापिंग की तर्ज पर अब हिमाचल की पांच सब्जी मंडियों में सेब, आलू और अन्य उत्पादों की ऑनलाइन खरीदारी की जाएगी। केंद्र प्रायोजित ईएनएएम (नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट) ऑनलाइन योजना के तहत सूबे के लाखों किसान और बागवान अब इलेक्ट्रोनिक ट्रेडिंग पोर्टल के माध्यम से अपने उत्पादों की नेशनल मार्केट कर सकते हैं। प्रदेश में मंडी जिला की टकोली, कुल्लू जिला की भुंतर, कांगड़ा जिला की जसूर, सोलन और शिमला सब्जी मंडियों को केंद्र सरकार ने ईएनएएम योजना के तहत ऑनलाइन सुविधा से जोड़ने का काम शुरू कर दिया है।
हिमाचल में ईएनएएम का काम पायलट स्तर पर शुरू हो गया है। आजकल ईएनएएम योजना से जोड़ी गई हिमाचल की इन पांच सब्जी मंडियों में किसानों, बागवानों, खरीददारों और कमीशन एजेंटों की रजिस्ट्रेशन का काम शुरू हो गया है। केंद्र सरकार ने नागार्जुना कंपनी को यह काम सौंपा है। जिसके कर्मचारी हिमाचल में ईएनएएम योजना को सफल बनाने में जुट गए हैं।
मार्केट कमेटी बोर्ड जिला मंडी के सचिव भूपेंद्र ठाकुर ने हिमाचल की पांच सब्जी मंडियों को ईएनएएम योजना के तहत ऑनलाइन सुविधा से जोड़े जाने की पुष्टि की है। देश के आठ राज्यों हिमाचल, उत्तर प्रदेश, गुजरात, तेलंगाना, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और झारखंड में ईएनएएम योजना का युद्ध स्तर पर काम चला हुआ है। इस योजना के तहत काम शुरू होने पर किसानों के उत्पाद पहले तो सर्टिफाइड होंगे। जिसके बाद किसान बागवान ऑनलाइन अपने उत्पादों के दाम ट्रेडिंग पोर्टल में देख इन्हें बेच सकते हैं। गुणवत्ता से भरपूर और सर्टिफाइड उत्पाद ही मंडी में ऑनलाइन बिकेगा। केंद्र सरकार ने देश के 8 राज्यों के लिए ईएनएएम योजना के तहत 2 सौ करोड़ का बजट जारी किया है।
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ईएनएएम ऑनलाइन योजना में पंजीकृत किसान, बागवान, खरीदार और कमीशन एजेंट को उनका आईडी और पासवर्ड मिलेगा। जिसके तहत उत्पादों का प्रोफाइल ऑनलाइन दर्शाया जाएगा। इसी आधार पर किसानों बागवानों के उत्पाद ऑनलाइन खरीदें जाएंगे और पारदर्शिता के साथ क्रय विक्रय होगा।