नगवाईं (मंडी)। प्रदेश भर के फोरलेन और अन्य परियोजनाओं के प्रभावितों ने मिलकर सरकार की मनमानी के विरुद्ध संघर्ष करने का निर्णय लिया है। फोरलेन संघर्ष समिति, चमेरा प्रथम प्रभावित विस्थापित परिवार कल्याण समिति, फोरलेन प्रभावित कमेटी बिलासपुर, परवाणु-शिमला फोरलेन संघर्ष समिति और पुनर्स्थापन और पुनर्वास रिसर्च ने ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर (सेवानिवृत्त) के नेतृत्व में सरकार के खिलाफ संघर्ष करने का फैसला लिया है।
कुल्लू, मंडी, बिलासपुर, शिमला, सोलन और चंबा के प्रभावितों ने एक स्वर से तय किया कि सरकार उनकी संवैधानिक मांगों पर ध्यान न देकर टकरावपूर्ण रवैया अपना रही है। अब प्रदेश के विभिन्न जिलों के संगठन अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए इकट्ठे होकर आवाज उठाएंगे। साथ ही पूरे प्रदेश के प्रभावितों को उनके संवैधानिक अधिकारों के हनन के विरुद्ध जागरूक करेंगे।
खुशहाल ठाकुर को समिति का प्रदेश अध्यक्ष और ब्रजेश महंत जिला मंडी को महासचिव मनोनीत किया। साथ ही एडवोकेट मोहिंद्र ठाकुर कुल्लू, मदन लाल शर्मा बिलासपुर, एडवोकेट संजय ठाकुर शिमला, धीरज सूद सोलन, चमन ठाकुर चंबा को जिले के संयोजक मनोनीत किया गया। जल्द ही अन्य जिलों के संयोजक मनोनीत करके इसका विस्तार किया जाएगा।
खुशहाल ठाकुर ने कहा कि समिति अब प्रदेश भर में सड़कों व अन्य परियोजनाओं में सरकार द्वारा भू-अधिग्रहण में हो रही कानूनों की अवहेलना के विरुद्ध एक मंच से आवाज उठाएगी। नागचला से मनाली के किसान 2013 के कानून की अनदेखी पर लंबे समय तक सड़कों पर आंदोलनरत है। फोरलेन संघर्ष समिति के महासचिव ब्रजेश महंत ने बताया कि प्रभावितों के आंदोलन में महिलाओं व युवाओं की बढ़ती भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए समिति के महिला विंग व युवा विंग का विस्तार किया। महिला विंग में चोबी देवी महासचिव, प्रोमिला शर्मा को अध्यक्ष महिला विंग सनोर और युवा विंग में शम्मी कुमार अध्यक्ष मनाली, हरि प्रकाश उपाध्यक्ष, हेमराज महासचिव, विशाल शर्मा, वरुण महंत सनोर, धर्मेंद्र भंडारी उपाध्यक्ष युवा विंग सनोर को मनोनीत किया गया।