नगर निगम आम लोगों के साथ मिलकर सांस्कृतिक समिति का गठन करेगा
शहर की संस्थाओं, बुद्धिजीवियों को समिति में मिलेगा अहम स्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम क्षेत्र में होने वाले प्राचीन मेलों और अन्य उत्सवों में अब लोगों की सहभागिता सुनिश्चित होगी। शहर की संस्थाओं, बुद्धिजीवी लोगों को भी इनके संरक्षण का जिम्मा सौंपा जाएगा। ऐसा करने से लुप्त हो रहे तीज त्योहारों को मिलजुल कर व अच्छे ढंग से आयोजित किया जा सके। नगर निगम ने पिछले कुछ समय से शहर में मेलों और त्योहारों को मनाने की शुरुआत की है, लेकिन देखने में आया है कि इसमें लोगों की भागीदारी न के बराबर रहती है। इससे आयोजकों के साथ-साथ बुलाए गए कलाकारों का मनोबल भी गिरता है। इसके लिए अब आमजन को साथ मिलकर सांस्कृतिक समिति का गठन किया जाएगा।
बुधवार को मंडी नगर की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने और यहां की ऐतिहासिक मेलों और त्योहार के संरक्षण के उपलक्ष्य में एक सांस्कृतिक समिति के गठन के लिए बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में महापौर वीरेंद्र भट्ट शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में निगम की ओर से शहर के हर एक छोटे से छोटे और बड़े से बडे मेले, त्योहार के आयोजन के लिए अपना हर संभव सहयोग दिया जा रहा है इसी के साथ कुछ खास मेलों और धार्मिक कार्याें जैसे कि मांडव उत्सव, पतंग उत्सव, टारना मेला का आयोजन स्वयं निगम के की ओर से किया जा रहा है। इसके लिए अच्छी खासी धनराशि भी निगम की ओर से खर्च की जा रही है।
इन आयोजनों के दौरान प्रबंध व्यवस्था में कमी की शिकायतें भी निगम के पास आती हैं। इसलिए निगम की ओर से निर्णय लिया गया कि निगम स्तर पर एक सांस्कृतिक समिति का गठन किया जाएगा जो कि मेला, त्योहारों से संबंधित आयोजनों के साथ प्रबंध व्यवस्था, प्रचार व प्रसार आदि का कार्य भी करेगी। बैठक में सभी उपस्थित संस्थानों ने अपने-अपने सुझाव रखते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि सांस्कृतिक समिति की गवर्निंग बॉडी में संस्था के अध्यक्षों को स्थान दिया जाए साथ ही समिति प्रचलित अधिनियम के तहत पंजीकृत भी किया जाए। गवर्निंग बॉडी के सहयोग के लिए अन्य लोगों संस्थाओं को भी उप समिति बनाकर जोड़ा जाए ताकि ये उप समितियां अपने-अपने स्तर पर अपनी जिम्मेवारियों का निर्वाह करते हुए कार्य कर सकें। इस अवसर पर पार्षद अलक नंदा हांडा, निर्मल वर्मा, वीरेंद्र सिंह आर्य, संजय शर्मा व गैरी सरकारी संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे।