सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत बनेगी आवासीय काॅलोनी,प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलेंगे ढाई लाख रुपये
शेष राशि एकमुश्त और किस्त में भी दे सकेंगे लाभार्थी
नगर निगम ने मर्ज क्षेत्र में सरकारी भूमि की तलाश की शुरू
सुरेंद्र शर्मा
मंडी। नगर निगम क्षेत्र में जिन लोगों के पास न तो निजी भूमि और न ही अपना भवन है अब वे भी अपना आशियाना बनाने का सपना पूरा कर सकेंगे। केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से ऐसे लोगों का भी जल्दी सपना पूरा होगा। आवासीय काॅलोनी की तर्ज पर बनने वाली इमारतों में ये लोग भी अब घर ले सकेंगे। नगर निगम ऐसे लोगों की पहचान में जुट गया है। चालीस लोगों ने नगर निगम के पास आवेदन भी कर दिया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ऐसे लोगों के लिए हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी की तर्ज पर आवासीय भवन बनाए जाएंगे। इसके लिए नगर निगम ने सरकारी जमीन की तलाश शुरू कर दी है। खास कर मर्ज क्षेत्र में इस तरह की भूमि की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। राजस्व अधिकारियों को भी इस बारे में दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। योजना के तहत सरकारी जमीन पर बिल्डर की मदद से आवासीय काॅलोनी का निर्माण किया जाएगा। मजदूर, दर्जी, सिलाई कढ़ाई के कार्य से जुड़े लोग और महिलाएं, दिव्यांग, विधवा, एकल नारी समेत अन्य लोगों को इसमें प्राथमिकता दी जाएगी।
केंद्र से 2.25 लाख रुपये और राज्य सरकार की ओर से योजना के तहत पात्र लोगों को 25 हजार रुपये की मदद मिलेगी। भवन पर आने वाले खर्च के हिसाब से आशियाने की लागत आंकी जाएगी। योजना के पैसे के अलावा अन्य राशि की अदायगी व्यक्ति एकमुश्त के साथ किस्तों में भी कर सकता है। इसके लिए बैंक से ऋण दिलाने में भी नगर निगम की ओर से मदद की जाएगी। काॅलोनी की लागत को देखते हुए बिल्डर भी कुछ फ्लैट का स्वामित्व अपने पास रख सकता है। इस योजना में वही लोग शामिल होंगे, जिनके पास न तो निजी भूमि है और न ही उनके पास अपना कोई भवन है।
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ऐसे लोग जिनके पास निजी भूमि नहीं है और न ही अपना मकान है उनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने का मौका है। नगर निगम के पास ऐसे करीब चालीस लोगों के आवेदन पहुंच गए हैं। पीपीपी मोड यानी सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत आवासीय काॅलोनी का निर्माण किया जाएगा। इसमें ऐसे लोगों को फ्लैट की सुविधा प्रदान की जाएगी। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से ढाई लाख रुपये पात्र व्यक्तियों को मिलेंगे।
-वीरेंद्र भट्ट शर्मा, महापौर नगर निगम मंडी