पधर (मंडी)। पंचायत समिति द्रंग खंड की त्रैमासिक बैठक शुक्रवार को अध्यक्ष शीला ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जोगिंद्रनगर उपमंडल से किसी भी विभाग का कोई अधिकारी शामिल नहीं हुआ। वहीं, पधर से भी उपमंडल स्तर के अधिकारी नादारद रहे। इस पर समिति सदस्य भड़क गए और प्रस्ताव पारित कर जिला उपायुक्त और मुख्यमंत्री को प्रस्ताव प्रेषित कर अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई।
बैठक में सहायक अभियंता स्तर के अधिकारियों की जगह कई विभागों के कनिष्ठ अभियंता पहुंचे। इस दौरान समिति सदस्यों की ओर से उठाए गए मामलों का वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। बैठक में समिति सदस्यों ने वर्ष 2022-23 का बजट जो पंचायतों को भेजा गया है, उस बारे में भी समीक्षा की।
पंचायत समिति अध्यक्षा शीला ठाकुर ने फियूनगलू-धरमेहड़ सड़क की खस्ता हालत का मामला सदन में रखा और सुधार की मांग की। उपाध्यक्ष कृष्ण भोज ने सरवाला-खुंड़-सास्ती-देवधार और उरला नौशा सड़क को पक्का करने की मांग रखी। वहीं, खजरी-गलमाठा सड़क निर्माण के लिए एफआरए केस को शीघ्र मंजूरी देने का मामला भी उठाया। उरला पंचायत के गैल गांव में बिजली की लो वोल्टेज समस्या से ग्रामीणों को निजात दिलाने की मांग की। इसके अलावा अन्य समिति सदस्यों ने अपने अपने वार्ड से सबंधित समस्याएं सदन में रखी।
बैठक में बाल विकास परियोजना अधिकारी जितेंद्र सैनी, तहसील कल्याण अधिकारी सरला शर्मा, कृषि विषयवाद विशेषज्ञ डा. सोनम, एचडीओ कविता शर्मा, वन परिक्षेत्र अधिकारी उरला शिवम रत्न, द्रंग मंजू देवी, चिंता ठाकुर, कनिष्ठ अभियंता जल शक्ति विभाग प्रेम भारद्वाज, लोनिवि रामचंद्र ठाकुर व अन्य मौजूद रहे।