मंडी के राजगढ़ के तहत माता कोयला भगवती सिंहासन में विराजमान।
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मंडी। आधा किलो अष्टधातु से बने नए मोहरे के साथ प्रसिद्ध मां कोयला भगवती राजगढ़ महाशिवरात्रि में शिरकत करेंगी। बल्ह तहसील के राजगढ़ के गांव रिगड़ में मां कोयला की पिंडी 20 किलो चांदी के सिंहासन पर विराजमान है। इस बार माता अपने 100 देवलुओं के साथ लाव लश्कर के साथ महाशिवरात्रि महोत्सव के लिए एक मार्च को पहुंचेंगी।
मां भगवती के चांदी के आधा-आधा किलो के दस मोहरे हैं। इसमें इस बार एक मोहरा अष्टधातु का तैयार किया गया है। सुंदरनगर, करसोग, गोहर, सुन्नी, शिमला, सोलन, नालागढ़ सहित चंडीगढ़ के अधिकांश लोगों की माता कुल देवी मानी जाती है।
माता कोयला का मंदिर मंडी शहर से 20 किमी दूर एक पहाड़ी के किले पर मौजूद है। मंदिर कमेटी के प्रधान प्यारे लाल गुप्ता, महासचिव भीम चंद सरोच, बाबू लाल महाजन, सुनील कुमार गुप्ता, चमन लाल जोशी, प्रीथी चंद ठाकुर, मोहन लाल जोशी, सीता राम गुप्ता, महेंद्र कपूर, चंद्र प्रकाश, ओम चंद, योग राज शर्मा, देवेंद्र कुमार, ललित पाठक आदि का कहना है कि माता कोयला महाशिवरात्रि में एक सौ देवलुओं के साथ लाव लश्कर के साथ पहुंचती हैं।