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हिमाचल: मंडी में रैपिडो सेवा पर सवाल, विभाग बोला- निजी बाइक से सवारी ढोने की अनुमति नहीं

Fri, 18 Sep 2026 12:14 PM IST
Ankesh Dogra राकेश राणा, मंडी।

सार

जिला मुख्यालय मंडी में रैपिडो एप के जरिए निजी बाइक से यात्रियों को ले जाने की सुविधा शुरू होने के बाद परिवहन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। आरटीओ मंडी नवीन कुमार के अनुसार निजी मोटरसाइकिल, मोपेड और स्कूटी को रैपिडो या अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किराये पर यात्रियों के परिवहन की कोई औपचारिक अनुमति नहीं दी गई है। विभाग ने कुछ बाइक चालकों के चालान किए हैं और मंडी में रैपिडो के स्थानीय संचालन की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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जिला मुख्यालय मंडी में रैपिडो एप के जरिये निजी बाइक पर सवारी ढोने की सुविधा शुरू होने के बाद अब परिवहन विभाग ने इस सेवा पर कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग के अनुसार निजी दोपहिया वाहनों से यात्रियों को किराये पर ले जाना अधिकृत नहीं है। इसी आधार पर रैपिडो से जुड़े कुछ बाइक चालकों के चालान किए जा रहे हैं।

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क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मंडी नवीन कुमार ने 18 सितंबर को जारी जानकारी में बताया कि विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ गैर-परिवहन मोटरसाइकिल, मोपेड और स्कूटी मालिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से यात्रियों को ले जाने के लिए अपने निजी वाहनों का व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे हैं।

निजी बाइक से सवारी ढोने की अनुमति नहीं
आरटीओ के अनुसार क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण, परिवहन विभाग मंडी की ओर से किसी भी गैर-परिवहन निजी मोटरसाइकिल अथवा मोपेड/स्कूटी को रैपिडो या ऐसे किसी अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से यात्रियों के परिवहन के लिए कोई औपचारिक अनुमति या प्राधिकरण नहीं दिया गया है। विभाग का कहना है कि ऐसे निजी वाहनों से यात्रियों को किराये पर ले जाना अनधिकृत है और मोटर वाहन नियमों के प्रावधानों के विपरीत है। इसी के तहत प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है।
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रैपिडो के स्थानीय संचालन की भी हो रही जानकारी
परिवहन विभाग की कार्रवाई फिलहाल केवल बाइक चालकों तक सीमित नहीं है। विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि मंडी में रैपिडो एप का संचालन कौन कर रहा है और स्थानीय स्तर पर चालकों को इससे किस तरह जोड़ा गया है। जांच के दौरान यदि संचालन करने वाले व्यक्ति या संस्था की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में फिलहाल एग्रीगेटर के संचालन के लिए राज्य स्तर पर लाइसेंसिंग व्यवस्था लागू नहीं हुई है। केंद्र स्तर पर एग्रीगेटर से जुड़े प्रावधान मौजूद हैं, जिनके तहत राज्य सरकार से लाइसेंस और निर्धारित शर्तों का पालन संबंधित व्यवस्था का हिस्सा है।

ऑटो यूनियन पहले ही कर चुकी है विरोध
मंडी में रैपिडो के संचालन का ऑटो यूनियन भी पहले विरोध कर चुकी है। यूनियन का कहना है कि निजी बाइक से सवारी ढोने की व्यवस्था से परमिट और अन्य निर्धारित नियमों के तहत चलने वाले ऑटो चालकों के सामने चुनौती पैदा होती है। रैपिडो को लेकर परिवहन विभाग की कार्रवाई और एग्रीगेटर व्यवस्था के स्पष्ट स्थानीय नियमन के अभाव में मंडी में इस सेवा को लेकर स्थिति फिलहाल असमंजस वाली बनी हुई है।

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रैपिडो कैप्टन ने कहा- रोजगार मिला
मंडी की रैपिडो कैप्टन पारुल अरोड़ा चालान की कार्रवाई का विरोध कर रही हैं। उनका कहना है कि रैपिडो से जुड़कर उन्हें रोजगार मिला है और वह रोज मेहनत करके कमाई कर रही हैं। पारुल के अनुसार रैपिडो के जरिये आम लोगों का सफर भी सस्ता हुआ है। उनका कहना है कि सरकार को युवाओं के लिए ऐसी सेवाओं को नियमित करने का रास्ता निकालना चाहिए, ताकि रोजगार के अवसर भी बने रहें और परिवहन व्यवस्था को भी इसका लाभ मिल सके।

विभाग ने निजी वाहन मालिकों से की अपील
आरटीओ नवीन कुमार ने जिला मंडी की जनता से अपील की है कि अनधिकृत निजी वाहनों से यात्रा करने का विकल्प न चुनें। यात्रियों के परिवहन के लिए केवल विधिवत पंजीकृत और अधिकृत वाणिज्यिक वाहनों का इस्तेमाल करने को कहा गया है। उन्होंने निजी मोटरसाइकिल और स्कूटी/मोपेड मालिकों से भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म संचालकों के प्रलोभन या बहकावे में आकर अपने निजी वाहनों का अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल न करने का अनुरोध किया है।

आरटीओ ने स्पष्ट किया कि यदि कोई निजी दोपहिया वाहन व्यावसायिक गतिविधि अथवा यात्रियों के अनधिकृत परिवहन में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और संबंधित नियमों के तहत दंडात्मक एवं प्रवर्तनात्मक कार्रवाई की जाएगी। ऐसी स्थिति में वाहन मालिक भी नियमानुसार कार्रवाई के लिए जिम्मेदार हो सकता है।
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